जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 का शुभारंभ, राष्ट्रपति मुर्मू, पीएम मोदी और सीएम योगी ने दी शुभकामनाएं, पुरी में बारिश के बीच उमड़ा जनसैलाब
नई दिल्ली: भगवान श्री जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का गुरुवार से पूरे देश में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ शुभारंभ हो गया। ओडिशा के पुरी से लेकर गुजरात के अहमदाबाद तक लाखों श्रद्धालु इस पावन आयोजन में शामिल हुए। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान जगन्नाथ से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
सीएम योगी ने रथ यात्रा को बताया आस्था और समरसता का प्रतीक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा सनातन संस्कृति की गहरी आस्था, सामाजिक समरसता और लोककल्याण का प्रतीक है। उन्होंने कामना की कि भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की कृपा समस्त सृष्टि पर बनी रहे तथा सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का वास हो। अपने संदेश के अंत में उन्होंने “जय जगन्नाथ” का उद्घोष भी किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रथ यात्रा के अवसर पर देश और विदेश में भगवान जगन्नाथ के सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व भक्त और भगवान के मिलन का अद्वितीय अवसर है। उन्होंने प्रार्थना की कि महाप्रभु की कृपा से देश और देशवासियों की सुख-समृद्धि निरंतर बढ़ती रहे।
प्रधानमंत्री मोदी बोले- भारत की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है रथ यात्रा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा विनम्रता, सामूहिक सहभागिता और निस्वार्थ सेवा का संदेश देती है। प्रधानमंत्री ने कामना की कि भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद सभी देशवासियों पर बना रहे और उनके जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो।
पुरी में बारिश के बीच पारंपरिक विधि-विधान से निकली रथ यात्रा
ओडिशा के पुरी में लगातार बारिश के बावजूद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा पारंपरिक विधि-विधान के साथ शुरू हुई। यात्रा मार्ग बड़ा डंडा पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। आयोजन को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए करीब 13 हजार सुरक्षाकर्मियों के साथ केंद्रीय बलों, नौसेना और तटरक्षक बल के जवानों की तैनाती की गई है। बारिश से जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई। परंपरा के अनुसार गजपति महाराजा द्वारा छेरा पहरा की रस्म पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं ने रथों को श्री गुंडिचा मंदिर की ओर खींचना शुरू किया।
अहमदाबाद में कड़ी सुरक्षा के बीच निकली 149वीं रथ यात्रा
गुजरात के अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथ यात्रा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाली गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पारंपरिक पहंडी विधि और छेरा पहरा की रस्म निभाई, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तड़के मंदिर पहुंचकर मंगला आरती में शामिल हुए। करीब 16 किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग पर लगभग 15 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी प्रणाली के साथ 30 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
देशभर में निकाली जा रही भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आस्था, सामाजिक समरसता और सेवा की भावना का संदेश दे रही है। श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के दर्शन कर उनके आशीर्वाद की कामना कर रहे हैं।
