भारत-नेपाल रिश्तों में नई गर्माहट? विदेश मंत्री शिशिर खानाल के दौरे पर टिकी नजर, कई अहम समझौतों की उम्मीद

fr1flovc_nepal_625x300_05_June_26

नई दिल्ली: भारत और नेपाल के संबंधों को नई दिशा देने की कोशिशों के बीच नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खानाल शुक्रवार से तीन दिवसीय भारत यात्रा पर पहुंच रहे हैं। इस दौरे को दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों में आई हालिया सकारात्मकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा, संपर्क व्यवस्था और द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

नेपाल के विदेश मंत्री भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के निमंत्रण पर दिल्ली आ रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच होने वाली बैठकों में आपसी सहयोग बढ़ाने और लंबित परियोजनाओं को गति देने पर विशेष जोर रहने की संभावना है।

रिश्तों में आई दूरी कम करने की कोशिश

पिछले कुछ समय से भारत और नेपाल के संबंधों को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा होती रही है। इसी बीच नेपाल के विदेश मंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब दोनों देश संबंधों में नई ऊर्जा भरने की कोशिश कर रहे हैं।

राजनयिक हलकों में इसे एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ाने और सहयोग के नए रास्ते खोलने में मददगार साबित हो सकती है।

हालिया राजनीतिक संपर्कों का दिख रहा असर

नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख रवि लामिछाने की हालिया भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला था। उस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी हुई थी, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई थी।

दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की ओर से रिश्तों को नई ऊंचाई देने की इच्छा जताए जाने के बाद अब विदेश मंत्री का यह दौरा उसी प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

व्यापार, ऊर्जा और कनेक्टिविटी पर रहेगा फोकस

सूत्रों के अनुसार, यात्रा के दौरान जलविद्युत परियोजनाओं, सीमा पार संपर्क सुविधाओं, व्यापार विस्तार और निवेश सहयोग जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है। नेपाल की जलविद्युत क्षमता और भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए यह क्षेत्र दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।

कई समझौतों पर लग सकती है मुहर

कूटनीतिक सूत्रों का मानना है कि इस दौरे के दौरान कुछ महत्वपूर्ण समझौतों को अंतिम रूप दिया जा सकता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी समझौते की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन दोनों पक्ष कई प्रस्तावों पर चर्चा कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्रस्तावित समझौते आगे बढ़ते हैं तो इससे व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को नई गति मिल सकती है।

रणनीतिक दृष्टि से भी अहम है यात्रा

भारत के लिए नेपाल उसकी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति का एक प्रमुख हिस्सा है। वहीं नेपाल के लिए भारत सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक साझेदारों में शामिल है। ऐसे में दोनों देशों के बीच स्थिर और मजबूत संबंध क्षेत्रीय संतुलन और विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि विदेश मंत्री शिशिर खानाल की यह यात्रा केवल औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत-नेपाल संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Samayik Sahara के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...

एक नज़र