सिर्फ जानवर ही नहीं, इतिहास की भी झलक दिखाते हैं भारत के ये पुराने चिड़ियाघर, बच्चों के साथ छुट्टियों में जरूर करें सैर

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नई दिल्ली : चिड़ियाघर ऐसी जगह हैं जहां बच्चे ही नहीं, बड़े भी प्रकृति और वन्यजीवों के करीब पहुंचते हैं। अगर आप छुट्टियों में परिवार और बच्चों के साथ कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो देश के कुछ ऐतिहासिक चिड़ियाघर बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। ये स्थान सिर्फ वन्यजीवों को देखने का मौका ही नहीं देते, बल्कि अपने साथ कई दशकों और कुछ मामलों में एक सदी से भी अधिक पुराना इतिहास भी समेटे हुए हैं। आइए जानते हैं भारत के कुछ ऐसे पुराने चिड़ियाघरों के बारे में, जो पर्यटन और ज्ञान दोनों के लिहाज से खास माने जाते हैं।

अलीपुर जूलॉजिकल गार्डन: देश के सबसे पुराने चिड़ियाघरों में शामिल

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्थित अलीपुर जूलॉजिकल गार्डन देश के सबसे पुराने और प्रसिद्ध चिड़ियाघरों में गिना जाता है। इसकी स्थापना 24 सितंबर 1857 को की गई थी। यह चिड़ियाघर 150 वर्ष से अधिक पुराना माना जाता है और लंबे समय से वन्यजीव संरक्षण एवं शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।

अरिगनार अन्ना जूलॉजिकल पार्क: विशाल क्षेत्र में फैला वन्यजीव संसार

चेन्नई के वंडालूर क्षेत्र में स्थित अरिगनार अन्ना जूलॉजिकल पार्क भारत के प्रमुख चिड़ियाघरों में से एक है। इसका निर्माण वर्ष 1885 में किया गया था। यह देश के सबसे पुराने जूलॉजिकल पार्कों में शामिल है और अपने विशाल क्षेत्र तथा वन्यजीव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां देश-विदेश की कई दुर्लभ प्रजातियों को देखा जा सकता है।

सक्करबाग चिड़ियाघर: एशियाई शेरों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध

गुजरात के जूनागढ़ में स्थित सक्करबाग चिड़ियाघर की स्थापना वर्ष 1863 में की गई थी। इसका निर्माण तत्कालीन जूनागढ़ रियासत के नवाब द्वारा कराया गया था। यह चिड़ियाघर विशेष रूप से एशियाई शेरों के संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रमों के लिए जाना जाता है। यहां कई दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियों का संरक्षण भी किया जाता है।

मैसूर चिड़ियाघर: विरासत और वन्यजीवों का अनोखा संगम

कर्नाटक के मैसूर में स्थित श्री चामराजेंद्र प्राणी उद्यान, जिसे आमतौर पर मैसूर चिड़ियाघर के नाम से जाना जाता है, वर्ष 1892 में स्थापित किया गया था। यह भारत के सबसे सुव्यवस्थित और लोकप्रिय चिड़ियाघरों में से एक माना जाता है। यहां वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया जाता है।

जीजामाता उद्यान: मुंबई का ऐतिहासिक आकर्षण

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में स्थित जीजामाता उद्यान, जिसे रानीबाग के नाम से भी जाना जाता है, शहर का प्रमुख चिड़ियाघर है। इसकी स्थापना वर्ष 1861 में हुई थी और यह भारत के सबसे पुराने चिड़ियाघरों में शामिल है। वन्यजीवों के अलावा यहां का ऐतिहासिक महत्व भी पर्यटकों को आकर्षित करता है।

बच्चों के लिए ज्ञान और मनोरंजन का बेहतरीन संगम

इन ऐतिहासिक चिड़ियाघरों की यात्रा बच्चों को प्रकृति और वन्यजीवों के बारे में सीखने का अवसर देती है। साथ ही उन्हें देश की विरासत और संरक्षण प्रयासों की जानकारी भी मिलती है। यही वजह है कि ये स्थान पारिवारिक छुट्टियों के लिए शानदार विकल्प माने जाते हैं।

 

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