ODI WC 2027: ‘अगर मुझे खुद को साबित करना पड़े तो मैं वहां नहीं रहूंगा’, विराट कोहली का बड़ा बयान
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर बड़ा और साफ बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें अपनी काबिलियत और योगदान साबित करने की स्थिति में रखा जाता है, तो वह उस माहौल का हिस्सा नहीं रहेंगे। कोहली का यह बयान इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आया है।
विराट ने बताया अपनी सोच, टीम रोल पर दिया साफ संदेश
नई दिल्ली: आरसीबी पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान विराट कोहली ने अपने क्रिकेटिंग नजरिए को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह हमेशा टीम के लिए योगदान देने के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन यह आपसी सम्मान और भरोसे पर निर्भर करता है। कोहली ने कहा कि अगर टीम को लगता है कि वह योगदान दे सकते हैं और वह खुद भी उस भूमिका में फिट महसूस करते हैं, तो वह जरूर खेलेंगे। लेकिन अगर उन्हें बार-बार अपनी अहमियत साबित करने की स्थिति में रखा जाएगा, तो वह उस माहौल में नहीं रहना चाहेंगे।
‘मैं अपनी मेहनत को लेकर पूरी तरह ईमानदार हूं’
विराट कोहली ने अपने समर्पण पर जोर देते हुए कहा कि वह हमेशा पूरी मेहनत और तैयारी के साथ मैदान में उतरते हैं। उन्होंने बताया कि उनका दृष्टिकोण हर गेंद को आखिरी गेंद की तरह खेलने का होता है और वह टीम के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। कोहली के अनुसार, वह किसी भी खिलाड़ी की तरह ही नहीं बल्कि उससे अधिक मेहनत करते हैं और अपने खेल के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं।
2027 वर्ल्ड कप पर उठे सवालों के बीच बयान
नई दिल्ली: 37 वर्षीय विराट कोहली के वनडे करियर को देखते हुए 2027 वर्ल्ड कप में उनकी भूमिका पर लगातार चर्चा हो रही है। मौजूदा समय में वह इंटरनेशनल क्रिकेट में केवल वनडे प्रारूप में सक्रिय हैं। ऐसे में उनके भविष्य को लेकर सवाल बने हुए हैं, लेकिन कोहली ने साफ किया कि वह तभी खेलना चाहेंगे जब दोनों तरफ से भरोसा और स्पष्टता हो।
क्रिकेट के प्रति जुनून और तैयारी पर दिया जोर
विराट ने कहा कि वह पूरे साल फिटनेस और प्रैक्टिस पर ध्यान देते हैं, इसलिए उन्हें किसी भी सीरीज के लिए अलग से तैयारी करने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने बताया कि उनका जीवनशैली पूरी तरह क्रिकेट के अनुरूप है और वह हमेशा खेलने के लिए तैयार रहते हैं।
घरेलू क्रिकेट अनुभव पर भी बोले कोहली
विराट कोहली ने हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी में अपने प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने खेल को किसी को कुछ साबित करने के लिए नहीं, बल्कि अपने जुनून के लिए खेला। उनके अनुसार, खेल के प्रति यही दृष्टिकोण उन्हें फिर से ऊर्जा और आत्मविश्वास देता है।
‘या तो भरोसा दो या फिर स्पष्टता रखो’
कोहली ने यह भी कहा कि किसी भी खिलाड़ी के साथ स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर शुरुआत में किसी खिलाड़ी पर भरोसा जताया जाता है, तो उसे लगातार समर्थन मिलना चाहिए, न कि बाद में उसकी क्षमता पर सवाल उठाए जाएं।
वनडे करियर में विराट के आंकड़े शानदार
विराट कोहली अब तक 311 मैचों में 14,797 रन बना चुके हैं, जिसमें 54 शतक और 77 अर्धशतक शामिल हैं। उनका औसत 58.71 और स्ट्राइक रेट 93.82 का रहा है, जो उन्हें वनडे इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल करता है।
