दिल्ली में बुजुर्गों की सुरक्षा होगी और मजबूत, LG ने पुलिस को दिए निर्देश; सीनियर सिटीजन ऐप का बढ़ेगा दायरा

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नई दिल्ली। दिल्ली में बुजुर्गों की सुरक्षा और कल्याण को लेकर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस को कई अहम निर्देश दिए हैं। उन्होंने राजधानी में बुजुर्गों की संख्या का दोबारा आकलन करने और उनके लिए बनाए गए ‘सीनियर सिटीजन मोबाइल एप्लीकेशन’ की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक बढ़ाने को कहा है। इसके साथ ही बुजुर्गों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई, आपात स्थिति में त्वरित सहायता और स्थानीय स्तर पर पुलिस की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

पुलिस के साथ समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

उपराज्यपाल ने बुधवार को राज निवास में दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए लागू विशेष पुलिसिंग व्यवस्था की समीक्षा की गई।

इस दौरान ‘सीनियर सिटीजन ऐप’ के कामकाज, लोगों के पंजीकरण, जागरूकता अभियान और बीट स्तर पर पुलिसकर्मियों के बुजुर्गों से संपर्क की जानकारी ली गई। उपराज्यपाल ने निर्देश दिया कि ऐप को ज्यादा से ज्यादा बुजुर्गों तक पहुंचाया जाए, ताकि जरूरत के समय उन्हें पुलिस सहायता आसानी से मिल सके।

बुजुर्गों की संख्या का फिर होगा आकलन

उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दिल्ली में बुजुर्गों की आबादी का व्यापक स्तर पर दोबारा आकलन किया जाएगा। इसी आंकड़े के आधार पर सीनियर सिटीजन मोबाइल एप्लीकेशन का दायरा बढ़ाया जाएगा।

संधू ने बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए शिकायतों के त्वरित समाधान, प्रभावी आपात सहायता और स्थानीय पुलिसकर्मियों के नियमित दौरे की जरूरत पर जोर दिया। पुलिस की बीट व्यवस्था के जरिए बुजुर्गों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

शिष्टाचार स्क्वॉड की भी समीक्षा

बैठक में दिल्ली पुलिस के ‘शिष्टाचार स्क्वॉड’ के कामकाज और उनकी जमीनी तैनाती की भी जानकारी दी गई। इन दलों का उद्देश्य छेड़छाड़ और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ होने वाली बदसलूकी को रोकना है।

स्कूल-कॉलेजों, परिवहन केंद्रों और भीड़भाड़ वाले बाजारों के आसपास पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उपराज्यपाल ने महिलाओं और छात्राओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता बढ़ाने, नियमित गश्त करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त नीति अपनाने के निर्देश दिए।

सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा पर भी जोर

उपराज्यपाल ने दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में यात्रियों को सुरक्षित और सम्मानजनक सफर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन में प्रशिक्षित कर्मचारियों की मौजूदगी और आपात स्थिति में तेजी से सहायता पहुंचाने वाली व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई।

इससे बुजुर्गों के साथ-साथ महिलाओं और अन्य यात्रियों को भी सार्वजनिक परिवहन में अधिक सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जा सकेंगे।

 

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