‘चोर भाइयों… चोरी मत करो, सीधे पैसे ले जाओ’, शामली में किसानों ने क्यों लिखी ऐसी अपील?
शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में लगातार बढ़ रही नलकूप चोरी की घटनाओं से परेशान किसानों ने अब चोरों से अनोखी अपील करना शुरू कर दिया है। पुलिस की कार्रवाई से निराश एक किसान ने अपने ट्यूबवेल के गेट पर लिख दिया, “चोर भाइयों, चोरी मत करो। जितने रुपये का सामान चोरी करके बेचते हो, उतने रुपये ले जाया करो।” किसानों का कहना है कि लगातार चोरी से न सिर्फ उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चोर सुनसान खेतों में बने नलकूपों को निशाना बना रहे हैं। गांव कुड़ाना, लाक, लिसाढ़, बहावड़ी, बंतीखेड़ा, आदमपुर और एलम समेत कई गांवों में 70 से ज्यादा नलकूपों से सबमर्सिबल पंप, केबल और स्टार्टर चोरी होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर चोर हजारों रुपये का सामान उखाड़ ले जाते हैं। सामान चोरी होने के बाद किसानों को कई दिनों तक सिंचाई की परेशानी झेलनी पड़ती है और फसल सूखने का खतरा भी बढ़ जाता है।
‘चोरी मत करो, जितने पैसे चाहिए यहीं से ले जाओ’
गांव कुड़ाना के एक पीड़ित किसान ने चोरों से परेशान होकर नलकूप के गेट पर ही अपनी अपील लिख दी। इसमें उसने चोरों से चोरी करने के बजाय सीधे पैसे ले जाने की बात कही है। किसान का कहना है कि पंप या केबल चोरी होने के बाद केवल सामान का नुकसान नहीं होता, बल्कि नया सामान खरीदने और लगवाने में भी काफी समय और पैसा खर्च होता है।
किसानों के मुताबिक, खेतों में बने नलकूप अक्सर आबादी से दूर होते हैं। रात के समय वहां किसी की आवाजाही नहीं होती, जिसका फायदा चोर उठाते हैं। चोरी के बाद किसान को सिंचाई के लिए वैकल्पिक इंतजाम करना पड़ता है।
70 से ज्यादा नलकूपों में चोरी, किसानों में गुस्सा
शामली जिले में अब तक 70 से अधिक नलकूपों पर चोरी की घटनाएं सामने आने का दावा किया गया है। लगातार हो रही वारदातों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।
भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने करीब 15 दिन पहले पुलिस को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया था। किसान नेताओं का कहना है कि समय सीमा बीतने के बाद भी चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक ने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं।
अब किसान खुद करने लगे नलकूपों की रखवाली
पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट किसान अब अपने स्तर पर नलकूपों की निगरानी करने को मजबूर हैं। किसान नेताओं के मुताबिक, कई जगहों पर किसान रात में खेतों पर पहरा दे रहे हैं ताकि चोरों को पकड़ा जा सके और नलकूपों को चोरी से बचाया जा सके।
किसानों का कहना है कि अगर रात में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और चोरी के मामलों में तेजी से कार्रवाई हो तो वारदातों पर लगाम लग सकती है। लगातार चोरी के कारण किसानों में डर का माहौल है और वे पुलिस से प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने जल्द गिरोह का खुलासा करने का दावा किया
मामले को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक सुमित शुक्ला ने बताया कि नलकूपों पर हो रही चोरी की घटनाओं की रोकथाम और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
हालांकि, पुलिस के इस आश्वासन के बावजूद किसान लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से चिंतित हैं। किसानों की मांग है कि खेतों में बने नलकूपों की सुरक्षा के लिए रात में गश्त बढ़ाई जाए और अब तक हुई चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा किया जाए।
