रामायण पार्ट 1 की भव्य शुरुआत, विजुअल्स और हांस जिमर-एआर रहमान का संगीत छाया; रणबीर कपूर ने निभाया राम का किरदार?

Untitled-36-e1793856118769
नई दिल्ली: लंबे इंतजार के बाद रणबीर कपूर और यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण पार्ट 1’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। करीब 4000 करोड़ रुपये के कुल बजट वाली इस फिल्म के पहले भाग को लगभग 2000 करोड़ रुपये में तैयार किया गया है। निर्देशक नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा ने भारतीय संस्कृति की सबसे लोकप्रिय धार्मिक गाथा को भव्य अंदाज में बड़े पर्दे पर उतारने की कोशिश की है। फिल्म को लेकर सामने आई शुरुआती प्रतिक्रियाओं में इसके शानदार दृश्य, भावनात्मक प्रसंग और संगीत की तारीफ हो रही है। हालांकि, कुछ जगहों पर दृश्य प्रभावों की कमजोरियां और कलाकारों का अभिनय उम्मीद के मुताबिक प्रभाव नहीं छोड़ पाता।

रावण के जीवन से शुरू होती है कहानी

फिल्म की खास बात यह है कि इसकी शुरुआत भगवान राम के बजाय रावण के जीवन और उसके साम्राज्य से होती है। इसमें रावण की तपस्या, उसकी शक्तियों और धीरे-धीरे अधर्म की राह पर बढ़ने की कहानी दिखाई गई है। इसके बाद भगवान विष्णु के श्रीराम के रूप में अवतार लेने और अयोध्या में उनके बचपन से लेकर वनवास तक के प्रसंगों को पर्दे पर उतारा गया है।

फिल्म में सीता स्वयंवर, कैकेयी के दो वरदान और राम, लक्ष्मण व सीता के वनवास जैसे महत्वपूर्ण प्रसंग शामिल हैं। कहानी आगे बढ़ते हुए शूर्पणखा के प्रसंग, खर-दूषण से युद्ध और सीता हरण तक पहुंचती है। इसके बाद जटायु और रावण के बीच भीषण युद्ध को दिखाया गया है।

भावनात्मक दृश्यों में नितेश तिवारी का निर्देशन प्रभावशाली

निर्देशक नितेश तिवारी ने फिल्म में भावनात्मक पहलुओं को खास महत्व दिया है। राम का राजमहल छोड़कर वनवास जाना, पिता राजा दशरथ के अंतिम समय में उनके पास मौजूद नहीं होना और सीता हरण जैसे दृश्यों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है। जटायु की मृत्यु का प्रसंग भी दर्शकों को भावुक कर सकता है।

फिल्म का पहला हिस्सा मजबूत नजर आता है, लेकिन दूसरे हिस्से में कुछ जगह कहानी की रफ्तार धीमी पड़ती है। कई घटनाओं को एक साथ समेटने की कोशिश में कुछ दृश्य खिंचे हुए महसूस होते हैं। इससे फिल्म की गति प्रभावित होती है।

अयोध्या से लंका तक भव्य दृश्य, कुछ वीएफएक्स ने किया निराश

फिल्म में अयोध्या, मिथिला, लंका, वन और देवलोक जैसे स्थानों को भव्य रूप में तैयार किया गया है। ऑस्कर विजेता दृश्य प्रभाव कंपनी डीएनईजी ने फिल्म के वीएफएक्स पर काम किया है। बड़े पर्दे पर इन स्थानों की भव्यता भारतीय सिनेमा के लिहाज से खास अनुभव देती है।

हालांकि, कुछ राक्षसों के दृश्य अधूरे और कम प्रभावशाली नजर आते हैं। इसके बावजूद फिल्म का समग्र दृश्य अनुभव इसकी बड़ी ताकत बना हुआ है।

हांस जिमर और एआर रहमान का संगीत बना बड़ी ताकत

फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी हांस जिमर और एआर रहमान ने संभाली है। दोनों का संगीत कहानी के प्रभाव को और गहरा करता है। खासकर राम के वनवास वाले दृश्य में पृष्ठभूमि संगीत भावनाओं को प्रभावी ढंग से उभारता है। कई महत्वपूर्ण दृश्यों में संगीत फिल्म की भव्यता और भावनात्मक असर को बढ़ाने का काम करता है।

रणबीर कपूर से लेकर यश तक, कलाकारों का कैसा रहा प्रदर्शन?

भगवान राम की भूमिका में रणबीर कपूर ने शांति और सादगी दिखाने की कोशिश की है। वहीं, साई पल्लवी माता सीता के रूप में खूबसूरत नजर आती हैं, लेकिन उनके कुछ भावनात्मक दृश्य उतना गहरा प्रभाव नहीं छोड़ पाते। रवि दुबे ने लक्ष्मण के किरदार में अच्छा प्रदर्शन किया है। राजा दशरथ की भूमिका में अरुण गोविल की मौजूदगी भी दर्शकों के लिए खास अनुभव है। रकुल प्रीत सिंह ने शूर्पणखा के किरदार में प्रभावित किया है।

हालांकि, अभिनय के मामले में सबसे ज्यादा चर्चा यश की हो रही है। रावण के किरदार में उनकी दमदार मौजूदगी और प्रभावशाली अभिनय फिल्म को अलग ऊंचाई देते हैं। वह जब भी पर्दे पर आते हैं, दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं।

भव्यता, भावनाओं और संगीत का शानदार मेल

कुल मिलाकर ‘रामायण पार्ट 1’ भव्य दृश्यों, भावनात्मक प्रसंगों और शानदार संगीत का मेल है। कुछ तकनीकी कमियों और कहानी की धीमी रफ्तार के बावजूद फिल्म भारतीय महाकाव्य को बड़े पर्दे पर भव्य रूप में पेश करने की कोशिश करती है। रणबीर कपूर के राम और यश के रावण वाले किरदार फिल्म के प्रमुख आकर्षण हैं।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Samayik Sahara के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...

एक नज़र