लुधियाना में डेंगू लारवा मिलने पर प्रॉपर्टी की NOC पर रोक, पहले चुकाना होगा जुर्माना

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लुधियाना: शहर में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए नगर निगम ने लापरवाही बरतने वाले संपत्ति मालिकों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। अब किसी मकान, जमीन या व्यावसायिक परिसर में डेंगू का लारवा मिलने पर स्वास्थ्य शाखा की ओर से काटे गए चालान का जुर्माना जमा किए बिना संबंधित संपत्ति का टीएस-1 (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) जारी नहीं किया जाएगा। नगर निगम कमिश्नर की ओर से जारी नए आदेशों के तहत डेंगू चालानों को प्रॉपर्टी टैक्स और टीएस-1 के डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ने का निर्णय लिया गया है।

प्रॉपर्टी की एनओसी से पहले होगी चालान की जांच

नगर निगम की अमला शाखा की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, स्वास्थ्य शाखा द्वारा काटे जाने वाले डेंगू चालानों का विवरण अब टीएस-1 और प्रॉपर्टी टैक्स के डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा। इसके बाद जब भी कोई संपत्ति मालिक खरीद-फरोख्त, हस्तांतरण या रजिस्ट्री से संबंधित प्रक्रिया के लिए टीएस-1 प्रमाणपत्र का आवेदन करेगा, तो संबंधित विभाग उसके नाम और संपत्ति के पते पर दर्ज डेंगू चालानों की जांच करेगा।

यदि किसी आवेदक के खिलाफ डेंगू का चालान बकाया पाया जाता है, तो उसका एनओसी आवेदन रोक दिया जाएगा। जुर्माने की पूरी राशि नगर निगम में जमा कराने के बाद ही प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

जोनल कमिश्नरों और टैक्स अधिकारियों को मिले निर्देश

नगर निगम कमिश्नर की ओर से जारी आदेशों की प्रतियां मेयर, सभी जोनल कमिश्नरों, स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रॉपर्टी टैक्स शाखा के सुपरिंटेंडेंट्स को भेज दी गई हैं। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य शाखा को यह भी कहा गया है कि प्रतिदिन काटे जाने वाले चालानों की प्रमाणित सूची संबंधित जोनों की प्रॉपर्टी टैक्स शाखा को उपलब्ध कराई जाए, ताकि रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट किया जा सके और बकाया चालानों की जानकारी आवेदन के समय सामने आ सके।

500 से 2000 रुपये तक के चालानों की वसूली पर जोर

नगर निगम प्रशासन के अनुसार, डेंगू लारवा मिलने पर आमतौर पर 500 से 2000 रुपये तक के चालान किए जाते हैं। हालांकि, कई लोग नोटिस मिलने के बावजूद जुर्माना जमा नहीं कराते। अब टीएस-1 प्रमाणपत्र को बकाया चालान से जोड़ने के फैसले से ऐसे मामलों में वसूली तेज होने की उम्मीद है।

निगम का मानना है कि इस व्यवस्था से लोग अपने घरों के कूलर, छतों, गमलों और अन्य स्थानों पर पानी जमा होने से रोकने के प्रति अधिक सतर्क होंगे। इससे डेंगू के मच्छरों के पनपने पर अंकुश लगाने के साथ-साथ बकाया जुर्माने की वसूली में भी मदद मिलेगी।

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