‘भैया-भाभी ने हक हड़प लिया…’ फेसबुक पर सुसाइड नोट लिख कारोबारी ने खाया सल्फास, इलाज के दौरान मौत
फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक कारोबारी ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। जहर खाने से पहले उसने फेसबुक स्टोरी पर एक सुसाइड नोट की तस्वीर साझा की थी। इसमें कारोबारी ने अपने बड़े भाई और भाभी पर संपत्ति और कारखाने में अपना हक हड़पने का आरोप लगाया। उसने लिखा कि करोड़ों रुपये का कारखाना खड़ा करने के बाद उसे धोखे से वहां से बेदखल कर बेरोजगार कर दिया गया। कानपुर में इलाज के दौरान कारोबारी की मौत के बाद पुलिस ने उसकी पत्नी की तहरीर और फेसबुक पर साझा किए गए सुसाइड नोट के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
जहर खाने से पहले फेसबुक पर साझा किया सुसाइड नोट
मामला बिंदकी क्षेत्र के मीरखपुर मोहल्ले का है। यहां के जयप्रकाश इलाके के चर्चित कारोबारी थे। उनका लाई और दाना-पट्टी का कारखाना था। शनिवार को उन्होंने जहर खा लिया। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए कानपुर ले गए, जहां देर शाम उनकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने जब उनका मोबाइल देखा तो फेसबुक स्टोरी देखकर सन्न रह गए। जयप्रकाश ने जहर खाने से पहले कॉपी के एक पन्ने पर सुसाइड नोट लिखा था। इसके बाद उसकी तस्वीर फेसबुक स्टोरी पर साझा की थी। नोट में उन्होंने अपने बड़े भाई और भाभी पर गंभीर आरोप लगाए और अपने साथ हुए कथित धोखे का जिक्र किया।
‘साझेदारी का वादा कर सालों काम कराया, फिर हक मार लिया’
सुसाइड नोट में जयप्रकाश ने आरोप लगाया कि उनके भाई और भाभी ने कारखाने में साझेदारी देने का भरोसा देकर उनसे वर्षों तक काम कराया। बाद में उन्हें उनके हक से वंचित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये का कारखाना खड़ा करने में योगदान देने के बावजूद उन्हें धोखे से कारोबार से बाहर कर बेरोजगार कर दिया गया।
पत्नी ने थाने में दी तहरीर
रविवार को मृतक की पत्नी नीलम कोतवाली पहुंचीं और पुलिस को तहरीर दी। नीलम के मुताबिक, कल्यानपुर के गौसपुर स्थित कारखाना दोनों भाइयों के नाम पर ‘ओम जय ट्रेडर्स’ के रूप में संचालित था।
नीलम ने आरोप लगाया कि बड़े भाई और भाभी ने साजिश के तहत उनके पति को कारखाने से बाहर कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जयप्रकाश की मेहनत की रकम देने से भी इनकार कर दिया गया।
दो दिन पहले हुआ था विवाद, सभासद पर भी आरोप
नीलम के मुताबिक, जहर खाने से करीब दो दिन पहले कारखाने की हिस्सेदारी और बकाया रकम को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान एक स्थानीय सभासद के भी शामिल होने का आरोप है। नीलम का कहना है कि सभासद ने उनके पति का पक्ष लेने के बजाय भाई-भाभी का समर्थन किया और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
परिवार का आरोप है कि कारखाने से बाहर किए जाने, बेरोजगारी और लगातार चल रहे विवाद से परेशान होकर जयप्रकाश ने आत्मघाती कदम उठाया।
सुसाइड नोट और तहरीर के आधार पर जांच शुरू
कोतवाल शैलेष सिंह के मुताबिक, मृतक की फेसबुक स्टोरी पर अपलोड किया गया सुसाइड नोट और उसकी पत्नी की ओर से दी गई तहरीर पुलिस को मिल गई है। दोनों के आधार पर मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
