2 अक्टूबर को भारत का कमाल, लवलीना का गोल्ड और तीरंदाजी में ऐतिहासिक जीत से बढ़ा मेडल का आंकड़ा
नई दिल्ली। आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में 2 अक्टूबर का दिन भारतीय खिलाड़ियों के नाम रहा। प्रतियोगिता के 13वें दिन भारत की नजरें बॉक्सिंग, तीरंदाजी, कुश्ती, हॉकी समेत कई खेलों पर थीं। दिन आगे बढ़ने के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की संख्या में इजाफा किया। सबसे खास उपलब्धि बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन की रही, जिन्होंने अपने जन्मदिन पर देश को स्वर्ण पदक का तोहफा दिया। इसके अलावा भारतीय महिला रिकर्व टीम ने भी ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
लवलीना ने जन्मदिन पर जीता गोल्ड
लवलीना बोरगोहेन ने महिला 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। 2 अक्टूबर को अपना 29वां जन्मदिन मना रहीं लवलीना के लिए यह जीत यादगार बन गई।
इस स्वर्ण पदक के साथ लवलीना एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गईं। उनसे पहले यह उपलब्धि मैरी कॉम ने 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में हासिल की थी।
महिला रिकर्व टीम ने रचा इतिहास
लवलीना की जीत के कुछ ही समय बाद तीरंदाजी में भी भारत को बड़ी सफलता मिली। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।
यह एशियन गेम्स में भारतीय महिला रिकर्व टीम का इस स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक है। तेज हवाओं के बीच भारतीय तीरंदाजों ने दबाव बनाए रखा और मजबूत कोरियाई टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया।
पुरुष रिकर्व टीम को सिल्वर से करना पड़ा संतोष
पुरुष रिकर्व टीम को फाइनल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। धीरज बोम्मादेवरा, नीरज चौहान और यशदीप भोगे की भारतीय टीम को 1-5 से शिकस्त मिली और उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
इससे पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में ईरान को 6-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
कुश्ती में सुजीत कलकल ने फाइनल में बनाई जगह
कुश्ती में भी भारत की पदक की उम्मीदें कायम रहीं। सुजीत कलकल ने 65 किलोग्राम वर्ग में ओलंपिक चैंपियन को हराकर फाइनल में जगह बनाई। उनके प्रदर्शन के बाद भारतीय प्रशंसकों की नजरें उनके फाइनल मुकाबले पर टिक गईं।
इसके अलावा बॉक्सिंग और तीरंदाजी के साथ दिन के अन्य मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक की उम्मीदें बनाए रखीं।
70 पदकों तक पहुंचा भारत
1 अक्टूबर यानी प्रतियोगिता के 12वें दिन भारत ने छह पदक जीते थे। इनमें दो रजत और चार कांस्य पदक शामिल थे। इसके बाद 2 अक्टूबर के मुकाबलों ने भारत की पदक तालिका को और मजबूत किया।
दिन के दौरान भारत 70 पदकों के आंकड़े तक पहुंच गया। इसमें 12 स्वर्ण, 24 रजत और 34 कांस्य पदक शामिल थे।
लवलीना और महिला रिकर्व टीम का प्रदर्शन रहा खास
एशियन गेम्स के 13वें दिन भारत के लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में लवलीना बोरगोहेन का जन्मदिन पर स्वर्ण पदक जीतना और भारतीय महिला रिकर्व टीम का ऐतिहासिक गोल्ड शामिल रहा। वहीं पुरुष रिकर्व टीम के रजत पदक ने भी तीरंदाजी में भारत के मजबूत प्रदर्शन को दिखाया।
प्रतियोगिता के बाकी मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ियों से पदकों की उम्मीद बनी हुई है और भारत की पदक तालिका पर सभी की नजरें टिकी हैं।
