पीरियड्स में गंदा कपड़ा इस्तेमाल करना कितना खतरनाक? सर्वाइकल कैंसर से जुड़ी पूरी सच्चाई जानिए

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सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ती गंभीर बीमारियों में से एक है, लेकिन सही समय पर सावधानी और जागरूकता से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, सर्वाइकल कैंसर के लगभग 99 फीसदी मामलों की वजह ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) का लंबे समय तक शरीर में बना रहना है। हालांकि, ताजा शोध और डॉक्टरों की राय बताती है कि पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई की अनदेखी इस खतरे को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ा सकती है।

HPV है मुख्य वजह, लेकिन हाइजीन भी निभाती है अहम भूमिका
WHO साफ तौर पर कहता है कि सर्वाइकल कैंसर का सीधा कारण HPV संक्रमण है, लेकिन मासिक धर्म के दौरान गंदा या ठीक से साफ न किया गया कपड़ा इस्तेमाल करने से शरीर में बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं। इससे प्रजनन तंत्र से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती हैं। मासिक धर्म स्वच्छता का मतलब है सुरक्षित सैनिटरी प्रोडक्ट्स का उपयोग, हर 4 से 6 घंटे में उन्हें बदलना, साफ पानी और टॉयलेट की सुविधा और निजी अंगों की सही देखभाल।

डॉक्टर की चेतावनी: शर्म और झिझक बन रही है बड़ी वजह
गुरुग्राम स्थित मैक्स अस्पताल की प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. भावना चौधरी बताती हैं कि कई महिलाएं सामाजिक झिझक के चलते पीरियड्स के कपड़ों को न तो ठीक से धोती हैं और न ही धूप में सुखाती हैं। ऐसे कपड़ों में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं, जिससे इंफेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

पीरियड हाइजीन की कमी से कितनी बढ़ जाती है बीमारी की आशंका
मेडिकल स्टडीज के अनुसार, जिन महिलाओं में मासिक धर्म स्वच्छता की कमी होती है, उनमें रिप्रोडक्टिव ट्रैक्ट इंफेक्शन (RTIs) का खतरा 1.5 से 2.5 गुना तक बढ़ जाता है। अगर ये इंफेक्शन लंबे समय तक ठीक न हों, तो सर्विक्स में सूजन और नुकसान हो सकता है। इससे शरीर की लोकल इम्युनिटी कमजोर पड़ती है और HPV वायरस लंबे समय तक सक्रिय रह सकता है, जो सर्वाइकल कैंसर की आशंका को बढ़ाता है।

जागरूकता और जांच की कमी बनी सबसे बड़ी चुनौती
WHO के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। विकासशील देशों में 30 फीसदी से भी कम महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की जांच करवा पाई हैं, जबकि कई इलाकों में HPV वैक्सीनेशन की दर 20 फीसदी से नीचे है। हालात और गंभीर तब हो जाते हैं जब कई किशोरियों को पहली माहवारी से पहले पीरियड हाइजीन की सही जानकारी तक नहीं मिल पाती, जिससे गलत आदतें शुरू से ही बन जाती हैं।

शिक्षा और जानकारी से घट सकता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सुविधाएं ही नहीं, बल्कि सही शिक्षा और जागरूकता भी बेहद जरूरी है। रिसर्च बताती है कि मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रमों से इंफेक्शन के मामलों में करीब 40 फीसदी तक कमी आ सकती है। वहीं, जिन देशों में पीरियड हाइजीन अवेयरनेस, HPV टीकाकरण और नियमित पैप स्मियर जांच को साथ में अपनाया गया, वहां सर्वाइकल कैंसर के मामलों में 70 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

निष्कर्ष: सीधे कारण नहीं, लेकिन खतरा जरूर बढ़ता है
यह समझना बेहद जरूरी है कि पीरियड्स के दौरान गंदा कपड़ा इस्तेमाल करना सीधे तौर पर सर्वाइकल कैंसर की वजह नहीं बनता, लेकिन इससे ऐसे संक्रमण जरूर होते हैं जो HPV को लंबे समय तक शरीर में टिके रहने में मदद करते हैं। मासिक धर्म से जुड़े मिथकों को तोड़ना, सही जानकारी फैलाना और स्कूल से लेकर समुदाय स्तर तक जागरूकता बढ़ाना महिलाओं के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।

 

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