वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य पर फोकस, यूपी में विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश, मुख्य सचिव सख्त

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलायुक्तों और मुख्य विकास अधिकारियों के साथ प्रदेश की प्राथमिकता वाली योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में निर्देश दिए कि विकास कार्यों में तेजी लाई जाए और सभी विभाग योजनाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाते हुए समयबद्ध परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर
एसपी गोयल ने निर्देश दिए कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी छोटी-छोटी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए और अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इनसे जोड़ा जाए। उन्होंने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) के प्रभावी क्रियान्वयन में मुख्य विकास अधिकारियों की भूमिका को अहम बताते हुए हर माह समन्वय समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित कराने के निर्देश दिए।
लखपति दीदी योजना में डाटा गुणवत्ता पर फोकस
मुख्य सचिव ने लखपति दीदी कार्यक्रम के तहत महिलाओं की आय से जुड़े आंकड़ों को समयबद्ध रूप से पोर्टल पर दर्ज कराने और डाटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता सही और अपडेटेड डाटा पर ही निर्भर करती है।

अधूरे आवास जल्द पूरे कराने के निर्देश
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अधूरे आवासों और मुख्यमंत्री आवास योजना के करीब 1.05 लाख अधूरे मकानों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही अमृत सरोवर, ओडीएफ प्लस, गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, फैमिली आईडी और आकांक्षात्मक जिलों में मौके पर जाकर निरीक्षण तथा ब्लॉक डेवलपमेंट स्ट्रेटजी पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
यूपी दिवस के राज्य स्तरीय आयोजन की तैयारियां तेज
उत्तर प्रदेश दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन को लेकर भी मुख्य सचिव ने अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले से आने वाले 40-40 प्रतिभाशाली व्यक्तियों के ठहरने, खानपान और आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। दूरस्थ जिलों से आने वाले प्रतिभागियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मार्ग में बेहतर समन्वय और प्रत्येक बस के लिए अलग से बस प्रभारी नामित करने के निर्देश दिए गए।
