गुलाबी नमक या सफेद नमक: स्वाद नहीं, सेहत के लिए सही चुनाव करना है जरूरी

नमक हर भारतीय रसोई की बुनियादी जरूरत है। सब्जी हो, दाल हो, सलाद या स्नैक्स—बिना नमक के स्वाद अधूरा माना जाता है। लेकिन जरूरत से ज्यादा नमक यानी ज्यादा सोडियम शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादा सोडियम लेने से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या गुलाबी नमक यानी पिंक सॉल्ट, आम सफेद नमक से ज्यादा हेल्दी है या नहीं।

क्या होता है पिंक सॉल्ट, जिसे हिमालयन नमक कहा जाता है
पिंक सॉल्ट को हिमालयन सॉल्ट भी कहा जाता है, जो हिमालय क्षेत्र के पास मौजूद नमक की खानों से निकाला जाता है। इसका गुलाबी रंग इसमें मौजूद आयरन ऑक्साइड और अन्य मिनरल्स की वजह से होता है। न्यूट्रिशनिस्ट हरीप्रिय एन. के अनुसार, इस नमक को ज्यादा प्रोसेस नहीं किया जाता, इसलिए इसे अपेक्षाकृत ज्यादा नैचुरल माना जाता है।

रेगुलर यानी टेबल सॉल्ट क्या है
रेगुलर सॉल्ट या टेबल सॉल्ट सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला नमक है। इसे समुद्र के पानी या जमीन की खानों से निकालकर पूरी तरह रिफाइन किया जाता है, जिससे इसके प्राकृतिक मिनरल्स लगभग खत्म हो जाते हैं। इसमें आयोडीन और एंटी-कैकिंग एजेंट मिलाए जाते हैं। CDC के मुताबिक, एक टीस्पून टेबल सॉल्ट में करीब 2400 मिलीग्राम सोडियम होता है, जबकि US FDA रोजाना 2300 मिलीग्राम से कम सोडियम लेने की सलाह देता है।

पिंक सॉल्ट और सफेद नमक में क्या समान है
दोनों तरह के नमक का मुख्य घटक सोडियम क्लोराइड ही होता है। पिंक सॉल्ट में यह मात्रा लगभग 84 से 98 प्रतिशत होती है, जबकि रेगुलर सॉल्ट में 97 से 99 प्रतिशत तक। दोनों का इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने और फूड प्रिजर्वेशन के लिए किया जाता है। साथ ही, दोनों का अधिक सेवन हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ा सकता है।

सोर्स से लेकर स्वाद तक, कहां है असली फर्क
रेगुलर सॉल्ट समुद्र के पानी या जमीन की खानों से निकालकर प्रोसेस किया जाता है, जबकि पिंक सॉल्ट हिमालय क्षेत्र की प्राकृतिक नमक खानों से मिलता है। टेबल सॉल्ट ज्यादा रिफाइंड होता है और इसमें आयोडीन मिलाया जाता है, जबकि पिंक सॉल्ट अनरिफाइंड और नैचुरल माना जाता है। Foods जर्नल के अनुसार, पिंक सॉल्ट में कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम समेत 84 से ज्यादा ट्रेस मिनरल्स पाए जाते हैं। रंग और बनावट की बात करें तो रेगुलर सॉल्ट सफेद और फाइन ग्रेन वाला होता है, जबकि पिंक सॉल्ट गुलाबी रंग का और आमतौर पर थोड़ा मोटा होता है। स्वाद में भी फर्क है—सफेद नमक ज्यादा सॉल्टी लगता है, जबकि पिंक सॉल्ट का स्वाद हल्का और मिनरल फ्लेवर वाला माना जाता है।

सेहत के लिहाज से कौन-सा नमक किसके लिए बेहतर
रेगुलर सॉल्ट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आयोडीन की कमी से बचाने में मदद करता है, जो थायरॉइड और मेटाबॉलिज्म के लिए जरूरी है। वहीं, पिंक सॉल्ट को लेकर माना जाता है कि यह शरीर के हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस में सहायक हो सकता है, हालांकि इसमें मौजूद मिनरल्स की मात्रा बहुत कम होती है।

आखिर कौन-सा नमक चुनना चाहिए
एक्सपर्ट्स की मानें तो दोनों नमक के अपने फायदे और सीमाएं हैं। अगर आपकी डाइट में आयोडीन की कमी है, तो आयोडाइज्ड रेगुलर सॉल्ट बेहतर विकल्प है। वहीं, अगर आप नैचुरल विकल्प और हल्का स्वाद चाहते हैं, तो पिंक सॉल्ट चुन सकते हैं। लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी तरह का नमक हो, उसका जरूरत से ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक ही होता है।

 

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