जरूरत से ज्यादा चाय बन सकती है सेहत की दुश्मन, रोजाना आदत डाल सकती है गंभीर बीमारियों में

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लखनऊ। भारत में चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि दिन की शुरुआत का अहम हिस्सा बन चुकी है। सुबह उठते ही चाय की चुस्की लेने वालों की संख्या देश में 80 से 90 प्रतिशत तक बताई जाती है। बेड टी का चलन अब शहरों से निकलकर गांव-देहात तक पहुंच चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अत्यधिक चाय पीने की यह आदत आपकी सेहत को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकती है।

भारत में कैसे शुरू हुआ चाय का सफर
1815 में कुछ अंग्रेज यात्रियों ने असम में चाय की झाड़ियों को देखा, जिनसे स्थानीय जनजातियां पेय बनाकर सेवन करती थीं। इसके बाद 1834 में तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड बैंटिक ने भारत में चाय उत्पादन की संभावनाएं तलाशने के लिए समिति का गठन किया। 1835 में असम में चाय के बागान लगाए गए और यहीं से भारत में चाय का चलन तेजी से बढ़ता चला गया।

खाली पेट चाय पीना बढ़ा सकता है गैस और एसिडिटी
जो लोग सुबह उठते ही खाली पेट चाय पीते हैं, उनमें एसिडिटी और गैस की समस्या आम देखी जाती है। इससे पाचन तंत्र कमजोर होने लगता है। खासतौर पर गर्मियों में सुबह-सुबह चाय पीना सेहत के लिए नुकसानदेह माना जाता है। चाय में मौजूद कैफीन, एल-थायनिन और थियोफाइलिन शरीर को उत्तेजित करते हैं, जिससे पेट संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

भूख कम लगना और पाचन पर असर
चाय में मौजूद कुछ तत्व पाचन तंत्र में अम्ल बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। इसके कारण भूख कम लगती है और शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता, जिससे धीरे-धीरे कमजोरी बढ़ सकती है।

खाने के बाद चाय से बढ़ता है खून की कमी का खतरा
कई लोगों की आदत होती है कि वे भोजन के तुरंत बाद चाय पीते हैं। चाय में पाया जाने वाला टैनिक एसिड भोजन से मिलने वाले आयरन के अवशोषण को कम कर देता है। इसका सीधा असर शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया के रूप में देखने को मिल सकता है।

नींद की कमी और डायबिटीज का जोखिम
चाय में मौजूद कैफीन नींद को प्रभावित करता है। ज्यादा चाय पीने से नींद न आने की समस्या हो सकती है, जो लंबे समय में शरीर के लिए नुकसानदेह साबित होती है। वहीं, अधिक मीठी चाय पीने की आदत डायबिटीज के खतरे को भी बढ़ा सकती है।

आंखों और हड्डियों पर भी पड़ता है असर
चाय में मौजूद कुछ रासायनिक तत्व शरीर में विटामिन A की कमी कर सकते हैं, जिससे आंखों की रोशनी कमजोर होने लगती है और कम उम्र में चश्मा लग सकता है। इसके अलावा चाय में फ्लोराइड की अधिक मात्रा हड्डियों को कमजोर करती है, जिससे घुटनों में दर्द और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

ब्लैक टी भी सीमित मात्रा में ही फायदेमंद
आमतौर पर ब्लैक टी को सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है, लेकिन अत्यधिक ब्लैक टी का सेवन भी नुकसानदेह हो सकता है। माना जाता है कि इससे वजन कम होता है, लेकिन ज्यादा ब्लैक टी पीने से पेट फूलने और भूख न लगने की शिकायत भी हो सकती है।

 

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