ईरान-आमेरिका तनाव के बीच ट्रंप का बड़ा दावा, यूरेनियम सौंपने को तैयार तेहरान, समझौते के करीब पहुंचे दोनों देश

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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को अमेरिका को सौंपने पर सहमत हो गया है। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने संकेत दिए कि दोनों देशों के बीच पिछले छह हफ्तों से चल रहा सैन्य तनाव अब खत्म होने की कगार पर है। हालांकि, इस दावे पर अभी तक ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ट्रंप ने बातचीत के दौरान “न्यूक्लियर डस्ट” शब्द का इस्तेमाल किया, जिसे आमतौर पर संवर्धित यूरेनियम के संदर्भ में देखा जाता है। अमेरिका इसे परमाणु हथियार बनाने की क्षमता से जोड़कर देखता रहा है। उनके मुताबिक, तेहरान अब इस मुद्दे पर पहले के मुकाबले ज्यादा लचीला रुख अपना रहा है।

समझौते के करीब पहुंची बातचीत, अगले दौर की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और अगले दौर की बातचीत इसी सप्ताह के अंत में हो सकती है। ट्रंप का दावा है कि ईरान अब समझौते के लिए तैयार है और कई अहम बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है।

हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि मौजूदा युद्धविराम को आगे बढ़ाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि बातचीत विफल होती है, तो संघर्ष दोबारा शुरू हो सकता है। वर्तमान युद्धविराम अगले सप्ताह समाप्त होने वाला है, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है।

बढ़ते दबाव में बदला ईरान का रुख?

अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते ईरान अब उन शर्तों को स्वीकार करने के लिए तैयार हो रहा है, जिन्हें वह पहले खारिज कर चुका था। ट्रंप के अनुसार, बातचीत में अब तेजी आई है और समाधान की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है।

इस्लामाबाद में वार्ता की संभावना, खुद शामिल हो सकते हैं ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता सफल होती है, तो वह स्वयं उसमें शामिल होने के लिए वहां जा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान लगभग सभी प्रमुख मुद्दों पर सहमत हो चुका है और समझौते की दिशा में निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं।

पोप से मतभेद का भी किया जिक्र

इस पूरे घटनाक्रम के बीच ट्रंप ने ईरान के मुद्दे पर पोप लियो चौदहवें से मतभेद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जहां पोप शांति और संयम की अपील कर रहे हैं, वहीं उन्हें तेहरान से जुड़े खतरों को गंभीरता से समझने की जरूरत है। ट्रंप ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने की बात दोहराई।

फिलहाल, ट्रंप के दावों और जमीनी हकीकत के बीच स्पष्टता आना बाकी है, क्योंकि ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बिना स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं मानी जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बातचीत पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

 

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