मानसून सत्र से पहले कांग्रेस की बड़ी रणनीतिक बैठक, परिसीमन समेत अहम मुद्दों पर मंथन; सोनिया गांधी की अध्यक्षता में जुटे शीर्ष नेता
नई दिल्ली: संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने की कवायद तेज कर दी है। इसी सिलसिले में गुरुवार को कांग्रेस संसदीय दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। 10 जनपथ पर सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और सांसद मौजूद हैं। बैठक में मानसून सत्र के दौरान पार्टी की रणनीति और विभिन्न विधायी प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है।
बैठक में शामिल हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता
कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, शशि थरूर, पी. चिदंबरम, कुमारी शैलजा, मनीष तिवारी समेत पार्टी के सभी सांसद शामिल हुए। बताया जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र में विपक्ष की भूमिका और विभिन्न मुद्दों पर पार्टी के रुख को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया जा रहा है।
परिसीमन विधेयक पर फोकस, रणनीति तय करने में जुटी कांग्रेस
सूत्रों के अनुसार, बैठक में परिसीमन विधेयक को लेकर विशेष रूप से चर्चा हो रही है। पिछली बार कांग्रेस इस विधेयक को संसद में आगे बढ़ने से रोकने में सफल रही थी, लेकिन इस बार लोकसभा की राजनीतिक स्थिति पहले से अलग मानी जा रही है। इसी बदलते समीकरण को देखते हुए पार्टी अपनी रणनीति तैयार कर रही है।
सरकार भी कर चुकी है उच्चस्तरीय मंथन
कांग्रेस की बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मुद्दे पर वरिष्ठ नेताओं के साथ लंबी बैठक कर चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास पर हुई करीब ढाई घंटे की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नितिन नवीन भी मौजूद रहे। माना जा रहा है कि सरकार मानसून सत्र में प्रस्तावित महत्वपूर्ण विधेयकों को लेकर पूरी तैयारी में है।
संख्या बल पर भी बनी हुई है नजर
सूत्रों के मुताबिक, संविधान संशोधन से जुड़े किसी भी विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को 360 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होगी। बताया जा रहा है कि सरकार के पक्ष में अब तक 324 सांसदों का समर्थन माना जा रहा है। वहीं, आठ सांसदों वाली शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने संकेत दिए हैं कि यदि परिसीमन विधेयक 50 प्रतिशत वाले प्रस्ताव के आधार पर लाया जाता है तो वह उसका समर्थन कर सकती है। इसके अलावा द्रविड़ मुनेत्र कषगम के समर्थन की भी संभावना जताई जा रही है। ऐसे में समर्थन का आंकड़ा 354 तक पहुंच सकता है। यदि वाईएसआर कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट के तीन सांसद भी साथ आते हैं तो सरकार के लिए विधेयक पारित कराना आसान हो सकता है।
