संगम नगरी में गंगा-यमुना फिर उफान पर, 12 घंटे में 93 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर; सामान समेटने लगे कछारी इलाके के लोग
प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना के तेजी से बढ़ते जलस्तर ने कछारी इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। यमुना के बाद अब गंगा का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। पानी बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोग सुरक्षित जगहों की ओर जाने की तैयारी में जुट गए हैं और कई परिवारों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है।
12 घंटे में नैनी में यमुना 93 सेंटीमीटर बढ़ी
फाफामऊ में गंगा का जलस्तर महज चार घंटे में 8.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा। संगम क्षेत्र में पानी बढ़ने के कारण हनुमान मंदिर के सामने की सड़क एक बार फिर डूब गई है। सुबह आठ बजे से रात आठ बजे के बीच 12 घंटे में फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 46 सेंटीमीटर, नैनी में यमुना का जलस्तर 93 सेंटीमीटर और छतनाग में गंगा का जलस्तर 87 सेंटीमीटर बढ़ा।
पिछले 36 घंटे के आंकड़ों पर नजर डालें तो फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 48 सेंटीमीटर, नैनी में यमुना 1.53 मीटर और छतनाग में गंगा 1.42 मीटर बढ़ चुकी है। केन, बेतवा और टोंस जैसी सहायक नदियों में भी पानी बढ़ रहा है। केन-बेतवा क्षेत्र में करीब 1 से 1.5 मीटर तक पानी बढ़ने का असर यमुना और उसके बाद गंगा के जलस्तर पर पड़ रहा है।
कानपुर से छोड़ा गया 2.16 लाख क्यूसेक पानी
कानपुर से करीब 2.16 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद प्रयागराज में अगले दो से तीन दिनों में इसका असर दिखाई देने की आशंका है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, टोंस नदी का जलस्तर बढ़ने से छतनाग के आगे गंगा का प्रवाह प्रभावित हो रहा है। इसका असर अब शहरी क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है।
गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग के साथ जिला प्रशासन भी लगातार निगरानी कर रहा है। कछारी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।
रविवार रात तक दर्ज हुआ यह जलस्तर
रविवार रात आठ बजे तक फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 79.75 मीटर, छतनाग में गंगा का जलस्तर 78.85 मीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर 79.46 मीटर दर्ज किया गया।
महराजगंज में नारायणी का जलस्तर भी बढ़ा
उधर, गंडक बैराज से करीब 4 लाख 16 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नारायणी नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। इसके चलते महराजगंज के कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर रखने और प्रभावित इलाकों में जरूरी व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने निचलौल तहसील के गेड़हवा गांव पहुंचकर बाढ़ जैसे हालात का सामना कर रहे ग्रामीणों से बातचीत की। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनकी सहायता के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी तरह की समस्या से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
अतिवृष्टि के बाद संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण
महराजगंज में पिछले चार दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इसी के मद्देनजर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने रविवार को बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।
दोनों अधिकारियों ने सबसे पहले टेल फाल पहुंचकर नारायणी नदी के जलस्तर और आसपास के इलाकों की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
