केंद्र की सख्ती के बाद बड़ा एक्शन, भारत में Meta ने हटाए 1.60 लाख संदिग्ध अकाउंट, करोड़ों आपत्तिजनक कंटेंट भी किए डिलीट

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार की सख्ती के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। इसी क्रम में मेटा ने जानकारी दी है कि पिछले छह महीनों के दौरान भारत में करीब 1.60 लाख संदिग्ध अकाउंट हटाए गए हैं। कंपनी का कहना है कि बच्चों के यौन शोषण और ऑनलाइन अपराधों पर रोक लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

सरकारी नोटिस के बाद बढ़ी निगरानी

हाल ही में केंद्र सरकार ने मेटा से उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े नेटवर्क और आपत्तिजनक सामग्री को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी थी। इसके बाद कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म पर की जा रही कार्रवाई का ब्यौरा साझा किया है।

विज्ञापनों की भी हो रही सख्त जांच

मेटा के अनुसार, उसके प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों की भी लगातार जांच की जाती है, ताकि किसी भी प्रकार की गैरकानूनी या आपत्तिजनक सामग्री को बढ़ावा न मिले। कंपनी ने कहा कि नीति का उल्लंघन करने वाले विज्ञापनों और उनसे जुड़े अकाउंट की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय किया जा रहा है।

बच्चों के शोषण को बताया गंभीर अपराध

कंपनी ने बच्चों के यौन शोषण को बेहद गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि वह अपने प्लेटफॉर्म और उसके बाहर भी ऐसे मामलों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। मेटा ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी स्थिति में ऐसी सामग्री को बढ़ावा नहीं देती और इस तरह के कंटेंट को रोकने के लिए अपनी तकनीकी व्यवस्था को लगातार मजबूत बना रही है।

पिछले साल हटाए गए थे 40 लाख से अधिक अकाउंट

मेटा ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक की मदद से बच्चों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों वाले अकाउंट की पहचान की जाती है। कंपनी के अनुसार, पिछले वर्ष ऐसे 40 लाख से अधिक अकाउंट स्वतः पहचान कर हटाए गए थे।

3.6 करोड़ आपत्तिजनक कंटेंट भी किए हटाए

कंपनी ने बताया कि आंतरिक जांच के बाद कई अतिरिक्त कदम भी उठाए गए। इसके तहत आपत्तिजनक विज्ञापनों को हटाया गया, संबंधित अकाउंट निष्क्रिय किए गए और नीति का उल्लंघन करने वाले कंटेंट से जुड़े यूआरएल भी ब्लॉक किए गए। मेटा के मुताबिक बच्चों के शोषण से जुड़े करीब 3.6 करोड़ कंटेंट भी प्लेटफॉर्म से हटाए गए हैं।

 

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