रेलवे का बड़ा सख्त कदम: 1 जुलाई से नए नियम लागू, बिना टिकट यात्रा से लेकर हंगामे तक पर भारी जुर्माना और जेल का प्रावधान
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम 1 जुलाई से पूरे देश में लागू होंगे। इसके तहत बिना टिकट यात्रा, दूसरे के नाम पर टिकट का इस्तेमाल, महिला कोच में अनधिकृत प्रवेश और ट्रेन में हंगामा करने जैसे मामलों में अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन बदलावों का उद्देश्य यात्रियों के बीच अनुशासन बढ़ाना और ट्रेन यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाना है। नए नियम जनविश्वास अधिनियम के तहत लागू किए जा रहे हैं।
बिना टिकट यात्रा पर दोगुना जुर्माना
नए नियमों के तहत बिना टिकट यात्रा करने पर अब किराए के साथ 500 रुपये का जुर्माना देना होगा। पहले यह जुर्माना 250 रुपये था। रेलवे के अनुसार यह बदलाव लगभग 13 साल बाद किया गया है।
इसी तरह यदि कोई यात्री किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर बुक किए गए टिकट से यात्रा करता पाया जाता है, तो उससे भी पूरा किराया और 500 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।
महिला कोच और प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश पर सख्ती
महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में प्रवेश करने पर अब 2500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं स्टेशन या ट्रेन में अनधिकृत प्रवेश और नियमों के उल्लंघन पर भी जुर्माना तय किया गया है।
बिना लाइसेंस फेरी लगाने, भीख मांगने या अवैध रूप से सामान बेचने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी, जिसमें 2000 रुपये तक का जुर्माना शामिल है।
शराब पीकर हंगामा करने पर जेल तक का प्रावधान
रेलवे ने साफ किया है कि ट्रेन या स्टेशन परिसर में शराब पीकर हंगामा करने, यात्रियों को परेशान करने या अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में 24 घंटे तक की जेल, 1000 रुपये जुर्माना या सामुदायिक सेवा की सजा दी जा सकती है।
अन्य नियम और दंड
नए नियमों के तहत प्रतिबंधित सामान ले जाने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी। वहीं अश्लीलता फैलाने या यात्रियों को परेशान करने पर 1000 रुपये जुर्माना या छह महीने तक की जेल का भी प्रावधान है।
जुर्माना न भरने पर कोर्ट की कार्रवाई
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई यात्री जुर्माना नहीं भरता है, तो मामला अदालत में भेजा जाएगा, जहां जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा भी हो सकती है।
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया है कि इन नए नियमों की जानकारी कर्मचारियों और यात्रियों तक व्यापक रूप से पहुंचाई जाए ताकि किसी तरह की लापरवाही या उल्लंघन की स्थिति न बने।
