कर्नल सोफिया कुरैशी को मिला विशिष्ट सेवा मेडल, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को किया था एक्सपोज

नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रोजाना प्रेस ब्रीफिंग में देश का भरोसेमंद चेहरा बनीं कर्नल सोफिया कुरैशी को विशिष्ट सेवा मेडल दिए जाने की घोषणा की गई है। कर्नल सोफिया ने इस अभियान के दौरान विंग कमांडर व्योमिका सिंह और विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ मिलकर सैन्य कार्रवाई से जुड़ी सटीक और तथ्यपरक जानकारी साझा की थी। उनकी स्पष्ट और आत्मविश्वास से भरी ब्रीफिंग ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के झूठे दावों को उजागर किया था।
वीरता पुरस्कारों की बड़ी घोषणा, 70 जवान सम्मानित
सरकार ने इस मौके पर एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र और 13 शौर्य चक्र सहित कुल 70 सैन्यकर्मियों और अधिकारियों को वीरता पुरस्कार देने का ऐलान किया है। 13 शौर्य चक्रों में से 10 थलसेना के जवानों को प्रदान किए गए हैं, जिनमें एक मरणोपरांत है। इसके अलावा दो शौर्य चक्र नौसेना और एक अर्धसैनिक बल के अधिकारी को दिया गया है।
गुजरात से सेना के शीर्ष तक का सफर
कर्नल सोफिया कुरैशी का जन्म गुजरात के वडोदरा में एक सैन्य परिवार में हुआ। उनके दादा भारतीय सेना में धार्मिक शिक्षक के रूप में सेवाएं दे चुके थे। उन्होंने 1997 में महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में मास्टर डिग्री हासिल की और इसके बाद चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी से सैन्य प्रशिक्षण लेकर कमीशन प्राप्त किया।
ऑपरेशन पराक्रम से बाढ़ राहत तक अहम भूमिका
कर्नल सोफिया कुरैशी ने 2001 में संसद पर आतंकी हमले के बाद पंजाब सीमा पर चले ऑपरेशन पराक्रम के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई थी। उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें तत्कालीन जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ से कमेंडेशन कार्ड भी मिला। इसके अलावा उन्होंने पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ राहत अभियानों में भी उल्लेखनीय सेवाएं दी हैं।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नेतृत्व
कर्नल सोफिया ने संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों के तहत करीब छह वर्षों तक कांगो में सेवा दी। वर्ष 2016 में उन्होंने एक मल्टी-नेशनल मिलिट्री एक्सरसाइज में भारतीय सेना की टुकड़ी का नेतृत्व कर इतिहास रच दिया। वह ऐसा करने वाली भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी बनी थीं।
301 सैन्य अलंकरणों को राष्ट्रपति की मंजूरी
राष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा बलों के लिए कुल 301 सैन्य अलंकरणों को भी स्वीकृति दी है। इनमें 30 परम विशिष्ट सेवा पदक, चार उत्तम युद्ध सेवा पदक, 56 अति विशिष्ट सेवा पदक, नौ युद्ध सेवा पदक, दो बार टू सेना पदक (विशिष्ट), 43 सेना पदक (विशिष्ट), आठ नौसेना पदक (विशिष्ट), 14 वायु सेना पदक (विशिष्ट) और 135 विशिष्ट सेवा पदक शामिल हैं।
