The 50 में बवाल: ‘गोल्ड डिगर’ वाले बयान पर भड़की दिव्या अग्रवाल की टीम, भव्या सिंह को लगाई कड़ी फटकार

टीवी की दुनिया में इन दिनों नया रियलिटी शो ‘द 50’ जबरदस्त चर्चा में है। 50 सेलेब्रिटीज के साथ शुरू हुआ यह शो अपने कांसेप्ट और कंटेस्टेंट्स के टकराव की वजह से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। 50 दिनों तक चलने वाले इस शो में विजेता को 50 लाख रुपये की इनामी राशि दी जाएगी। शो जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, कंटेस्टेंट्स के बीच टकराव निजी आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। इसी कड़ी में अब शो की कंटेस्टेंट भव्या सिंह के एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।
दिव्या अग्रवाल की निजी जिंदगी पर टिप्पणी से मचा हंगामा
हाल ही में शो के एक टास्क के दौरान भव्या सिंह ने अपनी को-कंटेस्टेंट और दोस्त रही दिव्या अग्रवाल की निजी जिंदगी को लेकर ऐसे बयान दिए, जिसने सभी को चौंका दिया। भव्या ने दिव्या को ‘गोल्ड डिगर’ तक कह दिया। इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर टीवी गलियारों तक बहस तेज हो गई और अब इस पर दिव्या अग्रवाल की टीम ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है।
टास्क के दौरान शुरू हुआ विवाद
शो में ‘बैल और बुद्धि’ नाम के टास्क के दौरान दिव्या अग्रवाल ने अर्चना को लेकर यह टिप्पणी कर दी कि उनके पास दिमाग नहीं है। यह बात भव्या सिंह को नागवार गुजरी, क्योंकि अर्चना उनकी करीबी दोस्त हैं। इसके बाद बातचीत के दौरान भव्या ने सपना चौधरी से दावा किया कि दिव्या अपने पति अपूर्वा के साथ नहीं रहतीं। भव्या का कहना था कि दिवाली के मौके पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था और इसी आधार पर उन्होंने दिव्या की निजी जिंदगी को लेकर एक के बाद एक दावे किए।
दिव्या अग्रवाल की टीम का सख्त स्टेटमेंट
विवाद बढ़ने के बाद दिव्या अग्रवाल की टीम ने एक बयान जारी कर भव्या सिंह के आरोपों को पूरी तरह अनुचित बताया। स्टेटमेंट में कहा गया कि शो के दौरान बार-बार यह कहना कि ‘मैं कुछ नहीं कहूंगी’ और फिर बिना किसी ठोस आधार के किसी की पर्सनल लाइफ को उछालना, सच्चाई नहीं बल्कि नीयत को उजागर करता है। टीम ने साफ किया कि यह गेम किसी की निजी जिंदगी पर हमला करने के लिए नहीं, बल्कि ताकत, रणनीति और मानसिक क्षमता दिखाने के लिए बनाया गया है।

‘पर्सनल लाइफ को निशाना बनाना गलत’
दिव्या की टीम ने आगे कहा कि शो में किसी की निजी जिंदगी को घसीटना, उस व्यक्ति के बारे में ज्यादा बताता है जो ऐसे आरोप लगा रहा है, न कि उसके बारे में जिस पर आरोप लगाए जा रहे हैं। बयान में यह भी जोड़ा गया कि दिव्या का लोगों से घुलना-मिलना और उन्हें अपनापन देना उनके स्वभाव का हिस्सा है, जिसे गलत तरीके से पेश करना सरासर गलत है।
‘कहानी गढ़ने की कोशिश’ का आरोप
स्टेटमेंट के आखिरी हिस्से में दिव्या अग्रवाल की टीम ने कहा कि उनके खुले दिल और लोगों से जुड़ने के स्वभाव को भावनात्मक निर्भरता या अकेलेपन के तौर पर दिखाना पूरी तरह से गलत है। बिना तथ्यों के किसी की छवि खराब करने की कोशिश, सामने वाले को नहीं बल्कि आरोप लगाने वाले को ही कटघरे में खड़ा करती है। टीम ने साफ शब्दों में कहा कि दिव्या की ताकत, शालीनता और आत्मसम्मान को इस तरह के बयान कमजोर नहीं कर सकते।
