गंगा एक्सप्रेस-वे पर बनेगा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, यूपी के 12 जिलों का बदलेगा भविष्य, नोएडा की तर्ज पर तैयार होंगे नए शहर

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उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेस-वे अब सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक और शहरी संरचना को पूरी तरह बदलने वाला मेगा प्रोजेक्ट बन गया है। उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YUPIDA) ने इस मार्ग के किनारे विकसित होने वाले इलाकों के लिए विस्तृत योजना तैयार की है। नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के मॉडल की तर्ज पर प्रयागराज से मेरठ तक नए औद्योगिक, आवासीय और कमर्शियल सेक्टर विकसित किए जाएंगे। मेरठ से हरदोई के बीच इंडस्ट्रियल हब तैयार किया जाएगा, जहां आधुनिक आवासीय टाउनशिप, ऊंची इमारतें और शॉपिंग मॉल्स बनाए जाएंगे।

हाई-स्पीड रेल और कनेक्टिविटी का महा-जाल
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के साथ इसका इंटीग्रेशन है। मेरठ में प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल लाइन गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ी होगी। इसके अलावा 91 किलोमीटर लंबा लिंक इटावा के पास गंगा एक्सप्रेस-वे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा। यह कनेक्टिविटी व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ हरिद्वार, मथुरा, प्रयागराज और वाराणसी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा को भी तेज और आसान बनाएगी।

इन 12 जिलों की किस्मत चमकेगी
गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जिलों से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेस-वे के किनारे बनने वाला इंडस्ट्रियल कॉरिडोर स्थानीय युवाओं के लिए लाखों रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा। YUPIDA अधिकारियों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट राज्य की 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को हासिल करने में रीढ़ की हड्डी साबित होगा।

 

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