Jio IPO Listing: लिस्टिंग से पहले जियो के शेयरों में उछाल, ₹30,213 करोड़ के IPO ने तोड़ा रिकॉर्ड; एक लॉट पर ₹2,964 मुनाफे का अनुमान
ग्रे मार्केट के इन संकेतों से आईपीओ में निवेश करने वाले लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल संभावित लिस्टिंग का संकेत है। इससे वास्तविक लिस्टिंग मूल्य या मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती। बाजार की परिस्थितियों के अनुसार शेयर की कीमत में बदलाव हो सकता है।
एक लॉट पर ₹2,964 मुनाफे का अनुमान
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में एक लॉट में 12 शेयर रखे गए हैं। 1,119 रुपये प्रति शेयर के ऊपरी मूल्य बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए निवेशकों को 13,428 रुपये लगाने होते हैं। वहीं, ग्रे मार्केट में 1,366 रुपये प्रति शेयर के अनुमानित भाव के आधार पर 12 शेयरों की कीमत 16,392 रुपये बैठती है।
इस तरह दोनों कीमतों के बीच प्रति शेयर 247 रुपये का अंतर है। 12 शेयरों के एक लॉट पर यह अंतर 2,964 रुपये तक पहुंच जाता है। हालांकि, यह केवल ग्रे मार्केट के भाव पर आधारित अनुमान है। यदि लिस्टिंग के समय शेयर इसी भाव के आसपास सूचीबद्ध होते हैं, तभी निवेशकों को इतना संभावित लाभ मिल सकता है। वास्तविक मुनाफा इससे कम या ज्यादा भी हो सकता है।
28 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को एनएसई और बीएसई पर प्रस्तावित बताई गई है। आईपीओ के शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। जिन निवेशकों को शेयर आवंटित नहीं होंगे, उनके पैसे 27 अक्टूबर से वापस किए जाने की उम्मीद है।
आवंटन की स्थिति सामने आने के बाद निवेशक पता लगा सकेंगे कि उन्हें कंपनी के शेयर मिले हैं या नहीं। इसके बाद बाजार की नजर लिस्टिंग के दिन शेयर के प्रदर्शन पर रहेगी।
22 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन, संस्थागत निवेशकों ने दिखाई मजबूत दिलचस्पी
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को निवेशकों का जोरदार समर्थन मिलने की जानकारी सामने आई है। तीन दिन चली बोली प्रक्रिया के दौरान इस निर्गम को कुल मिलाकर 22 गुना से अधिक अभिदान मिला।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पात्र संस्थागत खरीदारों यानी क्यूआईबी श्रेणी में 70.55 गुना अभिदान दर्ज किया गया। गैर-संस्थागत निवेशकों यानी एनआईआई श्रेणी में यह आंकड़ा करीब 14 गुना रहा, जबकि खुदरा निवेशकों की श्रेणी में 2.72 गुना अभिदान मिला। इन आंकड़ों से आईपीओ में खास तौर पर संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी का संकेत मिलता है।
₹30,213 करोड़ के IPO ने तोड़ा हुंडई का रिकॉर्ड
जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो गया है। इसने वर्ष 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आईपीओ खुलने के करीब 100 मिनट के भीतर ही पूरा अभिदान मिल गया था। इसके लिए लगभग 1.4 करोड़ आवेदन मिलने की बात भी सामने आई है।
अब निवेशकों की निगाहें 28 अक्टूबर को प्रस्तावित लिस्टिंग पर हैं। ग्रे मार्केट में दिख रही तेजी ने उम्मीदें बढ़ाई हैं, लेकिन शेयर का वास्तविक प्रदर्शन लिस्टिंग के समय ही स्पष्ट होगा। निवेशकों को किसी भी फैसले से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, बाजार की परिस्थितियों और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना चाहिए।
