प्रेग्नेंसी के बाद बॉडी शेमिंग पर छलका कियारा आडवाणी का दर्द, बोलीं- एक दिन देवी कहते हैं, अगले ही पल वजन पर ताने मिलने लगते हैं
नई दिल्ली: अभिनेत्री कियारा आडवाणी ने मां बनने के बाद महिलाओं को झेलनी पड़ने वाली चुनौतियों और बॉडी शेमिंग को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि मातृत्व का सफर जितना खूबसूरत होता है, उतना ही भावनात्मक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है। कियारा ने कहा कि बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं के शरीर और मन में होने वाले बदलावों को लेकर समाज में पर्याप्त समझ और संवेदनशीलता की कमी है।
पिछले वर्ष 15 जुलाई 2025 को कियारा और उनके पति सिद्धार्थ मल्होत्रा ने बेटी सरायाह मल्होत्रा का स्वागत किया था। अब अभिनेत्री अपनी आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ की रिलीज की तैयारी कर रही हैं।
पोस्टपार्टम दौर को बताया सबसे चुनौतीपूर्ण समय
कियारा ने बातचीत के दौरान कहा कि मां बनने के बाद का समय किसी भी महिला के लिए पूरी तरह नया अनुभव होता है। उन्होंने बताया कि बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को शारीरिक बदलावों के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है।
अभिनेत्री के मुताबिक, इस दौर में कई महिलाएं अपराधबोध, मानसिक दबाव और भावनात्मक उतार-चढ़ाव से गुजरती हैं, लेकिन इन विषयों पर अक्सर खुलकर चर्चा नहीं होती। उन्होंने कहा कि मातृत्व जीवन का सबसे बड़ा बदलाव है और इसे समझने के लिए परिवार और समाज के सहयोग की जरूरत होती है।
प्रेग्नेंसी के दौरान तारीफ, डिलीवरी के बाद आलोचना
कियारा ने महिलाओं के प्रति समाज के दोहरे रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान लोग महिला की खूबसूरती और चेहरे की चमक की तारीफ करते नहीं थकते, लेकिन बच्चे के जन्म के बाद अचानक उसका ध्यान वजन और शरीर पर केंद्रित हो जाता है।
अभिनेत्री ने कहा कि गर्भवती महिला को देवी की तरह सम्मान दिया जाता है, लेकिन डिलीवरी के बाद उससे उम्मीद की जाती है कि वह तुरंत पहले जैसी फिट नजर आने लगे। जबकि हकीकत यह है कि यही वह समय होता है जब महिला को सबसे ज्यादा सहयोग, देखभाल और भावनात्मक समर्थन की आवश्यकता होती है।
नई मां को भी उतने ही सहारे की जरूरत होती है
कियारा का मानना है कि जिस तरह एक बच्चे को बड़ा करने के लिए पूरे परिवार और समाज के सहयोग की जरूरत होती है, उसी तरह एक नई मां को भी सहारे और प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि मां बनने के बाद महिला अपनी नई पहचान को समझने की कोशिश कर रही होती है। इस दौरान वह मां, पत्नी, बेटी और पेशेवर जीवन जैसी कई जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करती है। ऐसे समय में उसके आसपास मौजूद लोगों का समर्थन बेहद अहम हो जाता है।
मातृत्व की राह आसान बनाने वाली महिलाओं का जताया आभार
अभिनेत्री ने उन महिलाओं का भी धन्यवाद किया जिन्होंने उनसे पहले मातृत्व की इस यात्रा को तय किया और अपने अनुभवों के जरिए आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता आसान बनाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का एक-दूसरे का समर्थन करना समाज को अधिक संवेदनशील और मजबूत बनाता है।
बेटी के आने के बाद बदल गई जिंदगी
घर में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कियारा ने कहा कि बेटी सरायाह के जन्म के बाद उनकी दुनिया पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अब घर में सरायाह का ही राज चलता है और उसके खिलौने पूरे घर में फैले रहते हैं।
कियारा के मुताबिक, वह और सिद्धार्थ अब उसी दुनिया का हिस्सा बन चुके हैं और बेटी के आसपास घूमती यह नई जिंदगी उनके लिए बेहद खास और खूबसूरत अनुभव है।
