1995 की तरह फरवरी में आएगा रमजान 2026, 33 साल के चक्र ने बनाया अनोखा संयोग

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संभल। इस्लाम धर्म में पवित्र रमजान माह इस वर्ष फरवरी में दस्तक देने वाला है। चांद दिखाई देने पर मुस्लिम समाज के लोग 17 या 18 फरवरी से एक माह तक रोजे रखना शुरू करेंगे। खास बात यह है कि करीब तीन दशकों बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब रमजान फरवरी महीने में आएगा। पिछली बार यह 1995 में हुआ था।

33 साल का चक्र और रमजान की तारीखें
जानकारों के अनुसार रमजान हर 33 वर्षों में इस्लामी कैलेंडर के चक्र के हिसाब से सभी ऋतुओं का चक्र पूरा करता है। सरायतरीन शाही जामा मस्जिद के पेश इमाम रियाज उल हक कासमी ने बताया कि इस बार फरवरी में रमजान आने से दिन छोटे होंगे और तापमान भी कम रहेगा। इसका फायदा रोजेदारों को लंबे उपवास के दौरान प्यास और थकान कम महसूस करने में मिलेगा।

सर्दी में रोजा रखना आसान
शहर के मौलवियों और धार्मिक विद्वानों का कहना है कि ठंड के मौसम में रोजा स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अपेक्षाकृत आसान होता है। इस दौरान शरीर में पानी की कमी कम होती है और ऊर्जा बनी रहती है। यही कारण है कि लोग इस रमजान को सहूलियत और बरकतों वाला मान रहे हैं।

मस्जिदों में तैयारियां शुरू
रमजान के मद्देनजर शहर की मस्जिदों में साफ-सफाई, लाइटिंग और तरावीह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कमेटियों के जिम्मेदार हाफिजों के साथ बैठक कर नमाज पढ़ाने और व्यवस्था को सुनिश्चित कर रहे हैं। मुस्लिम समाज में इस पाक महीने को लेकर उत्साह का माहौल है और लोग ज्यादा से ज्यादा इबादत कर अल्लाह की रहमत पाने की तैयारी में जुट गए हैं।

11 दिन का कैलेंडर अंतर
पिछले साल रमजान 1 मार्च 2025 से शुरू हुआ था। चूंकि हिजरी साल 354 या 355 दिनों का होता है, जबकि ईस्वी कैलेंडर 365 दिन का, इस वजह से हर साल ईसवी कैलेंडर के हिसाब से रमजान लगभग 10-11 दिन पहले आ जाता है। यही कारण है कि फरवरी में रमजान का यह अद्भुत संयोग बन पाया है।

 

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