महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज: कैबिनेट में पीएम मोदी का विपक्ष पर हमला, बोले—‘बहुत बड़ी गलती, देश की महिलाएं नहीं करेंगी माफ’

नई दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक के पारित न हो पाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों पर तीखी नाराजगी जताते हुए कहा कि इस बिल को गिराकर विपक्ष ने बहुत बड़ी गलती की है और देश की महिलाएं उन्हें इसके लिए माफ नहीं करेंगी।
कैबिनेट बैठक में पीएम का सख्त संदेश
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि महिलाओं को 2029 से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में आरक्षण देने वाले इस प्रस्ताव का विरोध कर विपक्ष ने न सिर्फ महिलाओं को निराश किया है, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को इसके परिणाम भुगतने होंगे और यह बात देश के हर गांव और हर नागरिक तक पहुंचनी चाहिए।
लोकसभा में नहीं मिल पाया जरूरी बहुमत
दरअसल, संविधान (131वां संशोधन) विधेयक का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना था। गुरुवार से शुरू हुई बहस शुक्रवार देर रात तक चली, लेकिन अंततः विधेयक को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका। वोटिंग में बिल के पक्ष में 298 मत पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया, जिसके चलते यह पारित नहीं हो पाया।
वोटिंग से पहले भी पीएम ने की थी अपील

वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सदन में भावनात्मक अपील करते हुए सभी सांसदों से नारी शक्ति के सम्मान में निर्णय लेने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि देश की करोड़ों महिलाओं की नजर इस फैसले पर है और जनप्रतिनिधियों को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए फैसला करना चाहिए। पीएम ने सदस्यों से आग्रह किया था कि वे अपने परिवार की महिलाओं का स्मरण कर इस विधेयक के समर्थन में मतदान करें।
राजनीतिक घमासान और तेज होने के आसार
महिला आरक्षण बिल के पारित न होने के बाद अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और आने वाले समय में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में प्रमुख बहस का केंद्र बना रह सकता है।
