बांग्लादेश में उस्मान हादी हत्याकांड पर उबाल, मोहम्मद यूनुस के घर के बाहर प्रदर्शन, पुलिस से झड़प में 50 लोग घायल

ढाका में छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या को लेकर हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। बांग्लादेश की राजधानी में शुक्रवार शाम शाहबाग इलाके में पुलिस और इंकलाब मंच के कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारी उस्मान हादी के लिए न्याय और संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में जांच की मांग कर रहे थे। यह प्रदर्शन बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के आवास के सामने हुआ, जहां हालात बेकाबू हो गए।
प्रदर्शनकारियों को हटाने पर भड़की झड़प
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, शाम करीब 7:50 बजे हालात तब बिगड़े जब पुलिस ने शाहबाग चौराहे से प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। दोपहर से ही इलाके में तनाव का माहौल था। पुलिस कार्रवाई के दौरान लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए।
40 से 50 लोग घायल, अस्पताल में भर्ती
झड़पों के दौरान ढाका-18 से निर्दलीय उम्मीदवार मोहिउद्दीन रोनी समेत करीब 40 से 50 लोग घायल हो गए। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पुलिस ने पुष्टि की है कि घायलों को इलाज के लिए ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आने की भी जानकारी सामने आई है।
कौन था उस्मान हादी, जिसकी हत्या से भड़का विरोध
उस्मान हादी बांग्लादेश में 2024 में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों का एक प्रमुख छात्र नेता और कार्यकर्ता था। जुलाई 2024 में हुए इन विद्रोहों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार गिर गई थी और उन्हें देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी। उस्मान हादी 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनावों में उम्मीदवार भी था।
चुनाव प्रचार के दौरान मारी गई थी गोली
रिपोर्ट के मुताबिक, 12 दिसंबर 2025 को राजधानी ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। गंभीर रूप से घायल हादी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसी हत्या को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

अंतरिम सरकार ने दोहराया न्याय का भरोसा
मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने उस्मान हादी हत्याकांड में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने की बात दोहराई है। यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने कहा कि सरकार इस मामले की जांच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) को सौंपने पर विचार कर रही है।
यूएन जांच को लेकर सरकार की तैयारी
झड़पों के बाद जारी बयान में यूनुस के कार्यालय ने कहा कि अंतरिम सरकार संयुक्त राष्ट्र जांच से जुड़े कानूनी पहलुओं की गहराई से समीक्षा कर रही है। सरकार की ओर से 8 फरवरी को संबंधित संयुक्त राष्ट्र एजेंसी को एक आधिकारिक पत्र भेजे जाने की भी जानकारी दी गई है।
