UP Budget 2026: 9 लाख करोड़ के बजट में ‘आधी आबादी’ पर बड़ा फोकस, छात्रावास से स्कूटी तक मिल सकती हैं कई सौगातें

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश का वित्त वर्ष 2026 का बजट इस बार आकार और प्राथमिकताओं दोनों के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है। नौ लाख करोड़ रुपये से अधिक के संभावित बजट में सरकार का बड़ा फोकस महिलाओं पर रहने का अनुमान है। आधी आबादी को शिक्षा, उद्यमशीलता, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के लिए कई नई घोषणाएं की जा सकती हैं।

बताया जा रहा है कि महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया जा सकता है, जिससे महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की पहल को और गति मिले।

हर जिले में महिला छात्रावास, कस्तूरबा विद्यालयों का विस्तार

सरकार सभी जिलों में महिला छात्रावास योजना को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। प्रत्येक जिले में छात्रावास निर्माण के लिए बजट आवंटन किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ नई योजनाओं की भी घोषणा हो सकती है।

सभी विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खोलने के लिए भी बजट प्रावधान किए जाने के संकेत हैं। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी।

पेंशन में बढ़ोतरी और मेधावी छात्राओं को स्कूटी

बजट में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन राशि बढ़ाने का ऐलान किया जा सकता है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार को लेकर भी सरकार सकारात्मक संकेत दे सकती है।

इसके अलावा मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा भी संभावित है, जिससे उच्च शिक्षा के लिए आने-जाने में सहूलियत मिल सके।

पूर्वांचल और बुंदेलखंड को विकास निधि से अतिरिक्त सहायता

प्रदेश के पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्रों के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए सरकार विशेष फोकस कर सकती है। जानकारी के मुताबिक, इन दोनों क्षेत्रों की विकास निधि में लगभग दो हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि दी जा सकती है।

साथ ही विभागीय योजनाओं में भी इन क्षेत्रों को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि क्षेत्रीय असमानता को कम किया जा सके।

बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास पर भी जोर

पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, मेट्रो परियोजनाओं और अन्य अवस्थापना सुविधाओं के लिए पहले से अधिक बजट आवंटित किए जाने की बात सामने आ रही है।

त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए करीब दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है।

इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों की अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अटल इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत चार हजार करोड़ रुपये दिए जाने की संभावना है।

अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी का प्रावधान संभव

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप अनुदेशकों का मानदेय नौ हजार रुपये से बढ़ाकर लगभग 17 हजार रुपये किए जाने के लिए भी बजट में प्रावधान किया जा सकता है। इससे बड़ी संख्या में कार्यरत अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, यूपी बजट 2026 में महिला सशक्तिकरण, क्षेत्रीय संतुलन और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर सरकार का स्पष्ट फोकस दिखाई दे सकता है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि बजट पेश होने के बाद इन संभावित घोषणाओं को किस रूप में अमल में लाया जाता है।

 

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