France के पूर्व टीचर का सनसनीखेज कांड: भारत समेत 9 देशों में 89 नाबालिगों से यौन शोषण का आरोप, 50 साल बाद खुला राज

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नई दिल्ली। फ्रांस में 79 वर्षीय एक पूर्व शिक्षक पर पांच दशकों से अधिक समय तक 89 नाबालिगों के साथ रेप और यौन शोषण करने के गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब फ्रांसीसी प्रॉसिक्यूटर एटिएन मांटो ने आरोपी की पहचान सार्वजनिक की, ताकि संभावित अन्य पीड़ित भी सामने आ सकें।

आरोपी 2024 से हिरासत में है और जांच एजेंसियां अब विभिन्न देशों में गवाहों और पीड़ितों की तलाश में जुटी हैं। यह कथित अपराध भारत सहित कुल नौ देशों में फैला हुआ है।

आरोपी की पहचान सार्वजनिक, और पीड़ितों से आगे आने की अपील

प्रॉसिक्यूटर एटिएन मांटो के मुताबिक, पहले आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया था क्योंकि तथ्यों की पुष्टि आवश्यक थी। अब नाम उजागर करने का उद्देश्य है कि अन्य संभावित पीड़ित न्याय प्रक्रिया में सहयोग के लिए सामने आएं।

आरोपी की पहचान जैक्स लेव्यूगल के रूप में हुई है। उसका जन्म 1946 में फ्रांस के एनेसी में हुआ था।

भारत समेत 9 देशों में फैला नेटवर्क

जांच के अनुसार, लेव्यूगल पर 1967 से 2022 के बीच 13 से 17 वर्ष आयु वर्ग के नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराध करने के आरोप हैं। ये कथित अपराध जर्मनी, स्विट्जरलैंड, मोरक्को, नाइजर, अल्जीरिया, फिलीपींस, भारत, कोलंबिया और फ्रेंच क्षेत्र न्यू कैलेडोनिया में हुए।

बताया गया है कि वह इन देशों में फ्रीलांस शिक्षक और इंस्ट्रक्टर के रूप में काम करता था। प्रॉसिक्यूटर के अनुसार, वह विभिन्न स्थानों पर बसकर ट्यूशन और पढ़ाई के बहाने किशोरों से संपर्क बनाता और उनका शोषण करता था।

उसकी भूमिका में स्पेलियोलॉजी (गुफा विज्ञान) का इंस्ट्रक्टर और फ्रेंच भाषा शिक्षक शामिल था। जांच में सामने आया कि वह युवाओं को विदेशी भाषाएं और संस्कृति सिखाने के नाम पर उनके साथ लंबा समय बिताता था। मांटो ने आरोपी के व्यक्तित्व को “जटिल” बताया है।

यूएसबी ड्राइव से खुला पूरा मामला

यह चौंकाने वाला मामला तब उजागर हुआ जब आरोपी की एक यूएसबी ड्राइव मिली। इसमें उसने नाबालिगों के साथ अपने कथित ‘यौन संबंधों’ का विस्तृत विवरण लिखा था।

यह यूएसबी उसके भतीजे को अक्टूबर 2023 में मिली, जब वह आरोपी की अनुपस्थिति में उसके सामान की तलाशी ले रहा था। भतीजा आरोपी के निजी जीवन के बारे में जानने को उत्सुक था।

यूएसबी में 15 अलग-अलग हिस्सों में सामग्री संग्रहीत थी। जांच में 89 नाबालिगों की पहचान की गई है। हालांकि कई दस्तावेजों में नाम अधूरे हैं, जिससे दशकों पुराने मामलों में पीड़ितों को ढूंढना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

प्रॉसिक्यूटर के अनुसार, प्रारंभिक जांच में उम्मीद थी कि सभी पीड़ितों की पहचान संभव हो जाएगी, लेकिन ऐसा पूरी तरह नहीं हो सका।

जांच के दौरान दो हत्याओं का कबूलनामा

मामला तब और गंभीर हो गया जब आरोपी ने अपनी मां और आंटी की हत्या करने की बात स्वीकार की। जांच के दौरान उसने बताया कि उसने कैंसर से पीड़ित अपनी मां की तकिए से दबाकर हत्या की।

इसके अलावा, उसने 92 वर्षीय अपनी आंटी की भी सोते समय हत्या करने की बात कबूल की। आरोपी ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि उसकी आंटी उसे सीवेंस लौटने से रोक रही थी और रो रही थी, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया। आरोपी ने अपने कृत्यों को यह कहते हुए सही ठहराने की कोशिश की कि यदि वह स्वयं ऐसी स्थिति में हो, तो कोई उसके साथ भी ऐसा ही करे।

हालांकि ये दोनों हत्याएं यौन अपराधों से अलग हैं, लेकिन जांच के दायरे में शामिल कर ली गई हैं। फ्रांसीसी अधिकारियों ने अब एक विशेष हॉटलाइन शुरू की है, ताकि संभावित पीड़ित या जानकारी रखने वाले लोग संपर्क कर सकें। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच एजेंसियों के समन्वय और दशकों पुराने अपराधों के खुलासे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

 

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