‘VIP को मार्क करो’ फीचर पर चुनाव आयोग की सफाई, VIP वोटर ऐप और SSR को लेकर उठे सवालों पर बताया पूरा मामला

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नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) जिस BLO ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसमें ‘मार्क VIP’ नाम का नया फीचर जोड़े जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। चुनाव आयोग ने VIP वोटर ऐप और SSR को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। आयोग का कहना है कि VIP की पहचान के लिए BLO द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ऐप में यह विशेष फीचर जोड़ा गया है।

चुनाव आयोग के मुताबिक, VIP वोटरों की पहचान से जुड़ी यह व्यवस्था कोई नई प्रक्रिया नहीं है। आयोग ने बताया कि इस संबंध में 24 जून 2026 को ही एक सर्कुलर जारी किया गया था। इसमें न्यायपालिका के सदस्यों, जन प्रतिनिधियों, घोषित पदों पर रहने वाले लोगों के अलावा कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल और जन सेवा जैसे क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों के उन नामों को, जो पहले से मतदाता डेटाबेस में चिन्हित थे, मसौदा मतदाता सूची में शामिल करने के निर्देश दिए गए थे।

दावों और आपत्तियों के दौरान जुटाए जाने हैं दस्तावेज

आयोग ने बताया कि इन नामों को मसौदा मतदाता सूची में शामिल करने का उद्देश्य दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान आवश्यक दस्तावेज जुटाना है। इसी प्रक्रिया के तहत BLO ऐप में VIP को चिह्नित करने की सुविधा दी गई है।

आयोग की ओर से कहा गया कि बिहार में SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई VIP लोगों को नोटिस दिए जाने के मामले चर्चा में आए थे। इन मामलों को लेकर मीडिया में भी खबरें सामने आई थीं। आयोग ने बताया कि ऐसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए VIP से जुड़े मामलों की पहचान और प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए यह सुविधा दी गई है।

SSR नहीं होने से नए वोटरों पर असर के सवाल पर सफाई

वहीं, नियमित मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी SSR नहीं होने को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी चुनाव आयोग ने सफाई दी है। आयोग ने कहा कि यह दावा सही नहीं है कि SSR नहीं होने की वजह से 18 साल की उम्र पूरी करने वाले नए मतदाता वोटर लिस्ट में शामिल होने से वंचित रह गए।

चुनाव आयोग के मुताबिक, नए मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया लगातार चलने वाली व्यवस्था है। यह प्रक्रिया SSR नहीं होने के बावजूद जारी रही और 18 साल की उम्र पूरी करने वाले पात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल किया जाता रहा।

एक साल में ढाई करोड़ नए मतदाता जुड़े

आयोग ने आंकड़ा देते हुए बताया कि जून 2025 से जून 2026 के बीच करीब 2.5 करोड़ यानी ढाई करोड़ नए मतदाता जोड़े गए हैं। आयोग के मुताबिक, SIR की वजह से SSR की प्रक्रिया नहीं हो सकी। इसका एक कारण यह भी बताया गया कि बड़ी संख्या में मानव संसाधन SIR की प्रक्रिया में लगा हुआ था।

हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया कि इसका 18 साल की उम्र पूरी करने वाले नए मतदाताओं के वोटर लिस्ट में शामिल होने की प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ा। आयोग के अनुसार, नए मतदाताओं को सूची में जोड़ने की प्रक्रिया पूरे साल चलती रहती है और पात्र नए मतदाता इसमें शामिल किए जाते हैं।

 

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