EV कारें इतनी भारी क्यों? जानिए वजन के पीछे की असली वजह और इससे होने वाले फायदे-नुकसान

Electric-Vehicle-1_V_jpg--1280x720-4g

पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। लगभग हर बड़ी ऑटो कंपनी अब बैटरी से चलने वाली कारें बाजार में उतार रही है। लेकिन इसी के साथ एक सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है—आखिर इलेक्ट्रिक वाहन पेट्रोल और डीजल कारों की तुलना में इतने भारी क्यों होते हैं? और क्या यह अतिरिक्त वजन परफॉर्मेंस के लिए नुकसानदायक है या फायदेमंद?

भारी बैटरी पैक है मुख्य कारण
इलेक्ट्रिक गाड़ियों के ज्यादा वजन की सबसे बड़ी वजह उनका बैटरी पैक होता है। इनमें हाई-एनर्जी लिथियम-आयन बैटरियां लगाई जाती हैं, जिनका वजन काफी अधिक होता है। जानकारी के अनुसार, 50 kWh की बैटरी का वजन करीब 300 से 500 किलोग्राम तक हो सकता है। यही कारण है कि इलेक्ट्रिक कारों का कुल वजन पारंपरिक गाड़ियों की तुलना में काफी बढ़ जाता है।

उदाहरण के तौर पर, कुछ इलेक्ट्रिक मॉडल अपने पेट्रोल या डीजल वर्जन से 30 से 40 प्रतिशत तक भारी पाए गए हैं, जो इस अंतर को साफ तौर पर दिखाता है।

वजन कम करने पर कंपनियों का फोकस
ऑटो कंपनियां इस अतिरिक्त वजन को कम करने के लिए लगातार नई तकनीकों पर काम कर रही हैं। अब पारंपरिक स्टील के बजाय हल्के और मजबूत मटेरियल का इस्तेमाल बढ़ रहा है। प्लास्टिक और ग्लास फाइबर से बने कंपोजिट मटेरियल का उपयोग तेजी से किया जा रहा है, जिससे गाड़ी का वजन घटाने में मदद मिलती है। साथ ही, हल्के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और उपकरणों को अपनाकर भी कुल वजन को कम करने की कोशिश की जा रही है।

वजन के नुकसान: ब्रेकिंग और हैंडलिंग पर असर
ज्यादा वजन के कारण इलेक्ट्रिक गाड़ियों में कुछ चुनौतियां भी देखने को मिलती हैं। जैसे ब्रेक लगाने पर दूरी थोड़ी बढ़ सकती है, टायर जल्दी घिस सकते हैं और तेज मोड़ पर हैंडलिंग कम फुर्तीली महसूस हो सकती है। यानी ड्राइविंग एक्सपीरियंस पर इसका थोड़ा असर पड़ सकता है।

लेकिन फायदे भी हैं दमदार
हालांकि, इस अतिरिक्त वजन के कई फायदे भी हैं। भारी बैटरी गाड़ी को सड़क पर बेहतर पकड़ देती है, जिससे ग्रिप मजबूत होती है। इसके अलावा बैटरी नीचे की ओर फिट होती है, जिससे गाड़ी का संतुलन बेहतर होता है और पलटने का खतरा कम हो जाता है। इससे हाई स्पीड पर भी गाड़ी ज्यादा स्थिर बनी रहती है।

सेफ्टी और एफिशिएंसी में बेहतर प्रदर्शन
इलेक्ट्रिक गाड़ियों में मिलने वाला रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम ऊर्जा को दोबारा बैटरी में स्टोर करता है, जिससे कुल दक्षता बढ़ती है। वहीं ज्यादा वजन होने के कारण दुर्घटना के समय यात्रियों को बेहतर सुरक्षा भी मिल सकती है।

क्या EV खरीदना समझदारी है?
कुल मिलाकर, इलेक्ट्रिक गाड़ियों का ज्यादा वजन सिर्फ एक कमी नहीं है, बल्कि कई मामलों में यह फायदा भी देता है। कंपनियां लगातार इस वजन को कम करने की दिशा में काम कर रही हैं, लेकिन मौजूदा समय में यह अतिरिक्त वजन सामान्य उपयोग के लिए डिजाइन की गई गाड़ियों में संतुलित प्रदर्शन और सुरक्षा प्रदान करता है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Samayik Sahara के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...

एक नज़र