अमेरिकी शेयर बाजार में 19 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, एक ही दिन में निवेशकों के 270 लाख करोड़ रुपये डूबे; AI का डर बना वजह
चिप कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली, एनविडिया 9 फीसदी तक टूटा
अमेरिकी बाजार में सबसे ज्यादा दबाव तकनीकी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला। एनविडिया के शेयर करीब 9 फीसदी तक गिर गए, जबकि माइक्रॉन टेक्नोलॉजी में 17 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई। सेमीकंडक्टर से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में भी 70 फीसदी से अधिक की गिरावट का उल्लेख किया गया है। खासतौर पर एआई डेटा सेंटर के लिए जरूरी उपकरण और कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली हुई।
नैस्डैक में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट, बड़े टेक शेयर भी लुढ़के
बाजार में लगातार बिकवाली के कारण नैस्डैक कंपोजिट 6 अक्टूबर को दर्ज अपने रिकॉर्ड स्तर के बंद भाव से 10 फीसदी से अधिक नीचे आ गया। इसके साथ ही बाजार में तकनीकी सुधार की स्थिति की पुष्टि हुई। चिप कंपनियों के अलावा दूसरे बड़े तकनीकी शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। मेटा प्लेटफॉर्म्स के शेयर 4 फीसदी टूट गए, जबकि अमेजन और अल्फाबेट के शेयरों में 2.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को तेजी दिखाने वाले कई बड़े तकनीकी शेयर भी गुरुवार को दबाव में आ गए।
ट्रंप की मिडटर्म चुनाव में हार के बाद AI कंपनियों पर बढ़ी चिंता
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद निवेशकों के बीच एआई क्षेत्र को लेकर नई आशंकाएं पैदा हुई हैं। बाजार में इस बात की चिंता है कि नई राजनीतिक परिस्थितियों में एआई डेटा सेंटर और इससे जुड़े बुनियादी ढांचे के विस्तार पर सख्त नियम या प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। ऐसे कदमों से एआई कंपनियों के भविष्य के मुनाफे और उनके बड़े निवेश पर असर पड़ने की आशंका है। इसी डर ने खासतौर पर चिप निर्माता कंपनियों में बिकवाली को तेज कर दिया और अमेरिकी बाजार की गिरावट और गहरी हो गई।
भारतीय शेयर बाजार पर भी दिख सकता है असर, GIFT निफ्टी दे रहा गिरावट के संकेत
अमेरिकी बाजार में आई भारी गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ने की आशंका है। GIFT निफ्टी में 127 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जो भारतीय बाजार की कमजोर शुरुआत का संकेत दे रही है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में एआई क्षेत्र का निवेश और कारोबार में प्रभाव अमेरिकी बाजार की तुलना में कम है। ऐसे में भारतीय शेयर बाजार में अमेरिका जैसी बड़ी गिरावट आने की आशंका कम बताई जा रही है।
लगातार छह दिन की तेजी के बाद बाजार पर दबाव, 5 लाख करोड़ डॉलर के पार पहुंचा था मूल्यांकन
भारतीय शेयर बाजार में इससे पहले लगातार छह कारोबारी सत्रों तक तेजी बनी हुई थी। इस बढ़त के चलते भारतीय बाजार का कुल बाजार पूंजीकरण 5 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया था। हालांकि, अमेरिकी बाजार में आई भारी गिरावट और GIFT निफ्टी के कमजोर संकेतों के बाद घरेलू निवेशकों की नजर आज के कारोबार पर टिकी हुई है। अब देखना होगा कि भारतीय बाजार इस वैश्विक दबाव का कितना असर झेलता है।
