टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश में बड़ा खुलासा, इमरान हाशमी के घर की रेकी करने पहुंचे थे शूटर्स
सलमान और आमिर खान के घरों की रेकी की भी कोशिश
पुलिस की जांच के अनुसार, सलमान खान लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई गैंग की कथित धमकियों के घेरे में रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में हमलावरों ने आमिर खान के घर की रेकी करने की भी कोशिश की थी। हालांकि, उन्हें अभिनेता के मौजूदा ठिकाने की सही जानकारी नहीं थी। बताया जा रहा है कि आमिर खान पश्चिमी मुंबई से दक्षिण मुंबई में शिफ्ट हो चुके थे, जिसके कारण आरोपी उनके वर्तमान घर तक नहीं पहुंच सके।
इसके बाद कथित तौर पर उन्हें इमरान हाशमी के घर का पता लगाने के लिए कहा गया। आरोपियों ने स्थानीय स्तर पर पूछताछ भी की, लेकिन वे अभिनेता का घर खोजने में नाकाम रहे। इसके बाद उन्होंने अपने कथित हैंडलर्स को इसकी जानकारी दी।
फुटबॉल खेलने की जानकारी के बाद टाइगर श्रॉफ को बनाया निशाना
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, बाद में आरोपियों को पता चला कि टाइगर श्रॉफ हर रविवार को जुहू स्थित पुष्पा नारसी ग्राउंड में फुटबॉल खेलने आते हैं। पुलिस के अनुसार, इसी जानकारी के बाद अभिनेता को निशाना बनाने की योजना बनाई गई।
18 अक्टूबर को हुई गोलीबारी की इस घटना में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए थे, जबकि उनके ड्राइवर और एक ब्लॉगर को गोलियां लगने की बात सामने आई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमले की योजना किसने बनाई, हथियार कहां से उपलब्ध कराए गए और वारदात को अंजाम देने वालों को निर्देश कौन दे रहा था।
सोनीपत से गिरफ्तार चार आरोपियों को पुलिस हिरासत
इस मामले में हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों को मुंबई की अदालत में पेश किया गया। इनमें 21 वर्षीय राधा वर्मा, 21 वर्षीय बबीता राव, 21 वर्षीय कुणाल जामिनसिंह और 19 वर्षीय सुमित सरोलिया शामिल हैं। अदालत ने चारों को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर गोलीबारी करने वाले हमलावरों को हथियार उपलब्ध कराए थे। जांच एजेंसियां अब प्रत्येक आरोपी की भूमिका और कथित साजिश में उसके संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।
विदेश में बैठे कथित गैंग सदस्य से संपर्क का दावा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कुणाल जामिनसिंह विदेश में मौजूद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित सदस्य अनिल पंडित के संपर्क में था। अनिल पंडित ने टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। हालांकि, इस दावे और आरोपियों के कथित संपर्कों की जांच की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि राधा वर्मा को एक पिस्तौल सौंपी गई थी। इसके बाद राधा वर्मा और बबीता राव ने 17 अक्टूबर को दादर में कथित हमलावर रेहान अंसारी से मुलाकात की और उसे पिस्तौल दी। पुलिस अब इस कथित हथियार आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
हमले के बाद हथियार लौटाने के दिए गए थे निर्देश
पुलिस ने अदालत को बताया कि कथित हमलावरों को निर्देश दिए गए थे कि टाइगर श्रॉफ पर हमला करने के बाद हथियार तुरंत वापस कर दिए जाएं। उन्हें कथित तौर पर भरोसा दिलाया गया था कि हथियार वापस लेने की व्यवस्था कर दी जाएगी।
इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। मुंबई क्राइम ब्रांच पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है, ताकि हमले के पीछे की कथित साजिश, हथियारों की आपूर्ति और निर्देश देने वालों की भूमिका स्पष्ट हो सके। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
