महात्मा गांधी के विचारों से ही बनेगा विकसित भारत, PM मोदी ने राजघाट पर बापू को दी श्रद्धांजलि; स्वदेशी और खादी अपनाने की अपील
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की जयंती पर राजघाट पहुंचकर बापू को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का शाश्वत संदेश बेहतर समाज और विकसित भारत की दिशा में देश का मार्गदर्शन करता रहेगा। पीएम मोदी ने कहा कि बापू का पूरा जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा की मिसाल रहा है, जो हर दौर में मानवता को रास्ता दिखाता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि बापू का शाश्वत संदेश हमें बेहतर समाज और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
गांधी की विचारधारा ने पूरी दुनिया को किया प्रेरित
पीएम मोदी ने एक वीडियो संदेश में कहा कि 2 अक्टूबर के महत्व से देश का हर व्यक्ति परिचित है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की विचारधारा ने पूरी दुनिया को प्रेरित किया है। सत्ता से दूर रहने के बावजूद गांधी करोड़ों लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि आने वाले वर्षों में भी महात्मा गांधी की विचारधारा मानवता का मार्गदर्शन करती रहेगी और लोगों को प्रेरणा देती रहेगी।
खादी और स्वदेशी अपनाने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी हमेशा लोगों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते थे और इस प्रक्रिया में खादी को प्राथमिकता दी जाती थी। उन्होंने लोगों से अपील की कि 2 अक्टूबर को कम से कम एक खादी उत्पाद खरीदें और गर्व से कहें कि यह स्वदेशी है।
2 अक्टूबर का देश के इतिहास में खास महत्व
भारत के इतिहास में 2 अक्टूबर की तारीख का विशेष महत्व है। इसी दिन देश की दो महान विभूतियों महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है।
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था। उनके कार्यों और विचारों ने देश की स्वतंत्रता के आंदोलन और आजाद भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अहिंसा के उनके संदेश के सम्मान में संयुक्त राष्ट्र ने उनके जन्मदिन को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित किया है।
लाल बहादुर शास्त्री की भी मनाई जा रही जयंती
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को हुआ था। उनकी सादगी और विनम्रता के लिए उन्हें याद किया जाता है। वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्होंने ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया था।
1987 में पहली बार 500 रुपये के नोट पर छपी थी गांधी की तस्वीर
भारतीय रिजर्व बैंक ने 2 अक्टूबर 1987 को महात्मा गांधी की तस्वीर के साथ पहली बार नया 500 रुपये का करेंसी नोट जारी किया था। इससे पहले 1969 में गांधी की 100वीं जयंती के अवसर पर एक स्मारक नोट जारी किया गया था।
हालांकि, नियमित और स्थायी रूप से भारतीय बैंक नोटों पर गांधी की तस्वीर की शुरुआत 1987 के 500 रुपये के नोट से हुई। इसके बाद 1996 में आरबीआई ने आधिकारिक तौर पर ‘महात्मा गांधी श्रृंखला’ शुरू की, जिसके बाद सभी मूल्यवर्ग के नोटों पर उनकी तस्वीर स्थायी रूप से छापी जाने लगी।
