‘150 सीट तो दूर, 50 भी बड़ी बात’, सपा सांसद ने कांग्रेस की मांग पर सुनाई खरी-खरी, राहुल गांधी पर भी किया दावा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से गठबंधन में कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग के बीच सपा सांसद शिवपाल सिंह पटेल यानी एसपी सिंह पटेल ने इस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 150 सीट तो दूर की बात है, कांग्रेस को 50 सीट देना भी बड़ी बात होगी।
सपा सांसद ने कहा कि गठबंधन में सीटों का बंटवारा पार्टियों की राजनीतिक हैसियत, विधायकों और सांसदों की संख्या तथा संगठन की ताकत को ध्यान में रखकर होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को यह देखना चाहिए कि उसके पास कितने विधायक और सांसद हैं और जमीनी स्तर पर उसके कितने कार्यकर्ता सक्रिय हैं।
कांग्रेस को गठबंधन से हुआ फायदा: सपा सांसद
एसपी सिंह पटेल ने पिछले चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस को गठबंधन से फायदा मिला। उनके मुताबिक, अगर कांग्रेस का सपा के साथ गठबंधन नहीं होता तो उसके छह सांसद भी चुनाव नहीं जीत पाते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पिछले चुनाव के प्रदर्शन से सबक लेना चाहिए।
रायबरेली सीट को लेकर राहुल गांधी पर दावा
सपा सांसद ने एक इंटरव्यू में रायबरेली लोकसभा सीट का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी रायबरेली से चुनाव लड़ने को लेकर पहले हिचक रहे थे और अखिलेश यादव के समझाने के बाद उन्होंने वहां से चुनाव लड़ा।
एसपी सिंह पटेल ने यह भी दावा किया कि अखिलेश यादव ने राहुल गांधी से कहा था कि अगर वह चुनाव नहीं लड़ेंगे तो समाजवादी पार्टी अपना उम्मीदवार मैदान में उतार देगी।
गठबंधन में नेताओं के बयानों को लेकर दी नसीहत
सपा सांसद ने गठबंधन के भीतर नेताओं के बयानों को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही। उन्होंने कहा कि दूसरी पंक्ति के नेताओं की बयानबाजी गठबंधन को नुकसान पहुंचा सकती है।
उन्होंने दावा किया कि पहले गठबंधन में कांग्रेस की वजह से सपा के वोट कटे थे और अगर ऐसा नहीं होता तो सरकार बन सकती थी।
‘अपनी हैसियत के हिसाब से टिकट मांगे कांग्रेस’
एसपी सिंह पटेल ने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक ताकत के हिसाब से सीटों की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कितने सांसद और विधायक हैं, कितने सक्रिय कार्यकर्ता हैं और किन क्षेत्रों में संगठन मजबूत है, इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर सीटों की मांग होनी चाहिए।
कांग्रेस की ओर से उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग सामने आई है। कांग्रेस का कहना है कि गठबंधन में वह 50 फीसदी सीटों की हकदार है और सीट बंटवारे पर अक्टूबर में फैसला होने की उम्मीद है।
ऐसे में सपा सांसद का यह बयान दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान को और बढ़ाता है। अब गठबंधन में सीटों के अंतिम फॉर्मूले को लेकर दोनों दलों के बीच बातचीत पर नजर रहेगी।
