मुठभेड़ में सबसे आगे दौड़ा ‘टायसन’, गोली लगने के बाद भी नहीं थमा कदम; एयरलिफ्ट कर बचाई गई जान

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए तीन आतंकियों को ढेर कर दिया। इस सुनियोजित कार्रवाई में कोई भी जवान घायल नहीं हुआ, लेकिन पैरा स्पेशल फोर्सेज का के-9 ट्रूपर ‘टायसन’ ऑपरेशन के दौरान गोली लगने से जख्मी हो गया। गंभीर हालात के बावजूद उसने मोर्चा नहीं छोड़ा। ऑपरेशन पूरा होने के बाद उसे एयरलिफ्ट कर उपचार के लिए भेजा गया। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है।
भारतीय सेना ने जानकारी दी कि यह मुठभेड़ जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के चटरू इलाके में काउंटर-टेरर ऑपरेशन के दौरान हुई, जिसमें बहादुर के-9 ट्रूपर टायसन घायल हो गया।
आतंकी ठिकाने की ओर सबसे पहले बढ़ा टायसन
यह एलीट जर्मन शेफर्ड आतंकी ठिकाने, जिसे स्थानीय तौर पर ‘धोक’ कहा जाता है, की ओर सबसे पहले बढ़ा। जैसे ही सुरक्षाबल आगे बढ़े, आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान टायसन को गोली लगी। घायल होने के बावजूद उसने आगे बढ़कर अपनी ड्यूटी निभाई और असाधारण साहस व निष्ठा का परिचय दिया। बाद में उसे तत्काल मेडिकल सहायता के लिए एयरलिफ्ट किया गया।
व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने दी ऑपरेशन की जानकारी
सेना की White Knight Corps ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि रविवार को सुदूर क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद चलाए गए तलाशी अभियान में तीन आतंकियों के शव बरामद किए गए। उनके पास से दो एके-47 राइफल भी बरामद हुई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आतंकी संगठन Jaish-e-Mohammed से जुड़े दो पाकिस्तानी आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद सेना, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सुबह करीब साढ़े दस बजे चटरू बेल्ट के पासेरकुट इलाके में मुठभेड़ शुरू हो गई।

पहाड़ी पर बने मिट्टी के घर से हुई अंधाधुंध फायरिंग
जानकारी के अनुसार, एक पहाड़ी पर बने मिट्टी के घर में छिपे आतंकियों ने पास आ रहे जवानों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। इसी दौरान टायसन को गोली लगी। अधिकारियों का कहना है कि अभियान अभी भी जारी है और क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
हालांकि शुरुआती जानकारी में तीन आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई, बाद में अधिकारियों ने बताया कि अब तक दो आतंकियों के शव बरामद किए गए हैं।
पिछले महीने भी कई मुठभेड़ें
गौरतलब है कि पिछले महीने चटरू के जंगल क्षेत्र में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच करीब आधा दर्जन मुठभेड़ें हुई थीं। इन घटनाओं में एक सैनिक शहीद हुआ था और एक आतंकी मारा गया था। किश्तवाड़ और आसपास के इलाके में सुरक्षा एजेंसियां लगातार सघन अभियान चला रही हैं।
