“100 विधायक लाइए, सीएम बन जाइए” — अखिलेश यादव का दोबारा खुला ऑफर, गोरखपुर पर भी साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में जैसे-जैसे पीड़ा बढ़ रही है, वैसे-वैसे PDA का दायरा भी बढ़ रहा है।
रोबो डॉग विवाद में घिरी गल्गोटिया यूनिवर्सिटी को लेकर भी उन्होंने तंज कसा। उन्होंने कहा कि रोबोट तो है, लेकिन दिखता कैसा है, मुख्यमंत्री के वस्त्र से लोग धोखा खा रहे हैं।
‘सिर्फ वस्त्र से कोई योगी नहीं होता’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “गीता में कहा गया है कि जो माया में रहकर भी माया से दूर रहे, वही असली योगी होता है। सिर्फ वस्त्र से कोई योगी नहीं होता।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पूज्य शंकराचार्य के साथ क्या व्यवहार किया जा रहा है।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि कुछ लोग बीस साल पुरानी फिल्में अंधेरे में देख रहे हैं और शंकराचार्य जैसे पूज्य संतों के खिलाफ घटिया आरोप लगा रहे हैं।
गोरखपुर का मुद्दा उठाया, ‘गोरखधंधा’ शब्द का इस्तेमाल
गोरखपुर का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वहां 19 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में गोरखधंधा चल रहा है। मुख्यमंत्री के विदेश दौरे पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वह जापान जा रहे हैं, क्योटो नहीं जा रहे, वहां जाकर देखना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि रामभद्राचार्य जी के बारे में नहीं बोलना चाहिए। उनके खिलाफ हमारी सरकार ने धोखाधड़ी का मुकदमा वापस लिया था।

‘राहुल गांधी से SPG हटाई, घर छीना’
कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी एसपीजी सुरक्षा हटाई गई और घर भी छीना गया। उन्होंने कहा कि हमारा भी घर छीना गया, लेकिन इससे हम कमजोर नहीं हुए, बल्कि और मजबूत हो रहे हैं।
बीजेपी पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले कभी पहली रोटी गाय को नहीं खिलाते, पहले खुद खाते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि शंकराचार्य को पहले सम्मान दिलाया जाएगा।
फिर दोहराया ऑफर — ‘100 विधायक लाइए, सीएम बन जाइए’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने दोबारा अपना राजनीतिक ऑफर दोहराते हुए कहा, “100 विधायक लाइए, मुख्यमंत्री बन जाइए।” उनके इस बयान को प्रदेश की सियासत में नए सिरे से सियासी हलचल के तौर पर देखा जा रहा है।
