बिहार के किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगी मुफ्त बिजली, सरकार ने तैयार किया प्रस्ताव; सोलर प्लांट के लिए बनेगा भूमि बैंक

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पटना: बिहार में किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली देने की तैयारी शुरू हो गई है। ऊर्जा विभाग ने इससे जुड़ा प्रस्ताव तैयार कर लिया है और जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी मिलने के आसार हैं। योजना लागू होने के बाद राज्य के एक करोड़ से अधिक किसानों को इसका लाभ मिलने की बात कही गई है।

फिलहाल बिहार में किसानों को सिंचाई के लिए 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। प्रस्ताव के मुताबिक, अब खेती के लिए बिजली की लागत कम करने और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सौर ऊर्जा पर जोर दिया जाएगा।

तीन साल में 2585 मेगावाट सौर बिजली उत्पादन का लक्ष्य

सरकार ने अगले तीन वर्षों में कृषि क्षेत्र के लिए 2560 फीडरों के सोलराइजेशन के जरिए 2585 मेगावाट बिजली तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इस पूरी योजना पर सरकार 2714 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

सौर ऊर्जा से मिलने वाली हरित बिजली की खरीद पर ऊर्जा कंपनियों का खर्च भी कम होगा। फिलहाल कृषि क्षेत्र के लिए बिजली खरीदने में करीब 6 रुपये 19 पैसे प्रति यूनिट की लागत आ रही है। सौर ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ने से इस खर्च में कमी आने की उम्मीद है।

कृषि फीडर के सोलराइजेशन का काम करने वाली एजेंसियों को सरकार की ओर से प्रति मेगावाट 1 करोड़ 5 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। तीन साल में 2585 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य पूरा होने पर किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। विभाग ने यह प्रस्ताव पीएम कुसुम योजना 0.2 को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है।

हर साल बढ़ेगा सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य

सरकार ने सौर ऊर्जा उत्पादन को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत 2027 में 640 फीडरों से 646 मेगावाट, 2028 में 896 फीडरों से 905 मेगावाट और 2029 में 1024 फीडरों से 1034 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

किसानों की खेती की लागत घटाने पर जोर

मुफ्त सिंचाई बिजली योजना का सीधा असर किसानों की खेती की लागत पर पड़ने की उम्मीद है। बिजली पर होने वाला खर्च कम होने से किसानों को राहत मिलेगी और उनकी आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। इसके साथ ही सौर ऊर्जा का उत्पादन बढ़ने से प्रदूषण कम करने में भी योगदान मिलने की उम्मीद है।

योजना के प्रमुख लाभों में किसानों की खेती की लागत कम होना, आमदनी बढ़ना, सौर ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि और प्रदूषण में कमी शामिल हैं।

सोलर प्लांट के लिए बनेगा भूमि बैंक

बिहार सरकार ने उन राज्यों के मॉडल का अध्ययन भी कराया है, जहां किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इसी आधार पर राज्य में सोलर प्लांट लगाने के लिए भूमि बैंक स्थापित करने की योजना है।

सोलर प्लांट लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने वाले किसानों और अन्य जमीन मालिकों को निर्धारित राशि दी जाएगी। इससे सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ किसानों और अन्य संबंधित लोगों को भी आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता बनेगा।

 

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