‘विधायक बना दीजिए… फिर पत्नी के लिए टिकट मांगते हैं’, नितिन गडकरी ने किस पर साधा निशाना? जाति की राजनीति पर कही बड़ी बात
नागपुर: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में जाति के आधार पर राजनीति और टिकट मांगने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जाति के नाम पर टिकट पाने वाले कई लोग बाद में अपने समुदाय के सामाजिक कल्याण के लिए काम नहीं करते। गडकरी ने समुदायों की प्रगति के लिए जातिगत पहचान के बजाय शिक्षा और कौशल को ज्यादा महत्वपूर्ण बताया।
चर्मकार सेवा संघ की ओर से आयोजित छात्र सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि समाज की प्रगति शिक्षा पर निर्भर करती है। उनके मुताबिक अच्छी शिक्षा रोजगार की समस्याओं को दूर करने के साथ सामाजिक प्रगति का रास्ता खोलती है। इससे लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों में सम्मान मिलता है और समुदाय मुख्यधारा से जुड़ता है।
‘टिकट मांगते हैं, लेकिन समुदाय के लिए कुछ नहीं करते’
गडकरी ने कहा कि कई लोग उनसे अपने समुदाय के लोगों को चुनावी टिकट देने की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग उनसे पार्षद और विधायक बनाने की बात करते हैं, लेकिन जाति के आधार पर टिकट दिए गए लोगों में से किसी के बारे में भी ऐसा प्रमाण नहीं है कि उसने अपने समुदाय के कल्याण के लिए काम किया हो।
उन्होंने कहा कि चर्मकार समुदाय को भी विकास के लिए शिक्षा और कौशल पर ध्यान देना चाहिए। गडकरी के मुताबिक केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व से समुदाय का विकास सुनिश्चित नहीं होता।
‘पत्नी, बेटे और बेटी के लिए भी टिकट मांगते हैं’
केंद्रीय मंत्री ने टिकट मिलने के बाद परिवार के सदस्यों के लिए टिकट मांगने की प्रवृत्ति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई बार लोग टिकट मिलने के बाद अपनी पत्नी, बेटे और बेटी के लिए भी टिकट की मांग करने लगते हैं। यहां तक कि अगर परिवार में चौथा व्यक्ति हो तो उसके लिए भी टिकट मांगने की बात सामने आती है।
गडकरी ने कहा कि उम्मीद यह होती है कि चुनाव का टिकट पाने वाला व्यक्ति अपने समुदाय के विकास के लिए काम करेगा। उन्होंने अपने 40 से 50 साल के अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें ऐसी व्यवस्था से कोई फायदा होता नजर नहीं आया।
काम नहीं करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर भी सख्त रुख
सितंबर की शुरुआत में गडकरी ने काम में लापरवाही करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि वह एक साल के भीतर ज्यादा से ज्यादा ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।
गडकरी ने कहा था कि काम नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और अधिकारियों के निलंबन को लेकर वह पीछे नहीं हटेंगे।
मुंबई-गोवा हाईवे का खुद निरीक्षण करने की बात
गडकरी ने मुंबई-गोवा राजमार्ग के चौड़ीकरण में देरी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले इस परियोजना में देरी को लेकर उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती थी। अब उन्होंने अक्टूबर में मुंबई हवाई अड्डे से सड़क मार्ग के जरिए गोवा जाने और राजमार्ग का खुद निरीक्षण करने की बात कही है।
उन्होंने पणजी के पास पोर्वोरिम में छह लेन वाले एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद यह बात कही थी।
