मोगा में नशा तस्करों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, फोन कॉल के बाद कुछ देर रुकी कार्रवाई

buldojer-1781956073787_v

मोगा: पंजाब के मोगा जिले में कथित नशा तस्करों और आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों के खिलाफ प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। नगर निगम की टीम ने श्री गुरु रामदास नगर क्षेत्र में अवैध रूप से निर्मित मकानों और अन्य निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

नगर निगम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के तहत उन निर्माणों को निशाना बनाया गया, जिन्हें नियमों के विपरीत बनाया गया बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। हालांकि कार्रवाई के दौरान एक प्रभावशाली व्यक्ति की कथित फोन कॉल के बाद कुछ समय के लिए जेसीबी मशीन को वापस भी लौटना पड़ा, जिससे मामले ने नया मोड़ ले लिया।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान

प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। अधिकारियों के मुताबिक दो डीएसपी, चार थाना प्रभारी और करीब 150 पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया था। पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।

दो भाइयों के मकानों पर हुई कार्रवाई

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कार्रवाई जिन मकानों पर की गई, वे वरिंदर और सिकंदर नामक दो भाइयों से जुड़े बताए गए हैं। अधिकारियों का दावा है कि दोनों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, एनडीपीएस एक्ट, आबकारी कानून और अन्य गंभीर धाराओं के तहत लगभग 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार सिकंदर फिलहाल जेल में बंद है, जबकि वरिंदर एक हत्या के मामले में फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

पहले भी हो चुकी है ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

स्थानीय स्तर पर इससे पहले भी बस्ती साधा वाली क्षेत्र में कथित नशा तस्करों के अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के बाद भी कुछ स्थानों पर दोबारा निर्माण कर लिए गए और अवैध गतिविधियां फिर शुरू हो गईं।

नोटिस के बाद उठाया गया कदम

नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि संबंधित मकान मालिकों को नियमानुसार पहले नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें निर्माण की स्वीकृति, पास नक्शा और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया था।

अधिकारियों के अनुसार तय अवधि के भीतर न तो कोई स्वीकृत नक्शा पेश किया गया और न ही किसी अदालत या सक्षम प्राधिकरण से राहत संबंधी आदेश उपलब्ध कराया गया। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

अवैध कब्जों की भी जांच

नगर निगम का कहना है कि अभियान के दौरान गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए कथित अवैध कब्जों की भी जांच की गई है। यदि आगे की जांच में अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अवैध निर्माण और अपराध के खिलाफ अभियान जारी रहेगा

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध निर्माण और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ बिना भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Samayik Sahara के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...

एक नज़र