पंजाब कांग्रेस की कलह पर हाईकमान का बड़ा एक्शन, चन्नी-बाजवा समेत कई वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाया

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चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान को सुलझाने के लिए पार्टी हाईकमान सक्रिय हो गया है। प्रदेश नेतृत्व को लेकर बढ़ते मतभेद और नेताओं के बीच जारी नाराजगी के बीच कांग्रेस नेतृत्व ने सीधे हस्तक्षेप करते हुए वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाया है। माना जा रहा है कि इन बैठकों में संगठन की मौजूदा स्थिति और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी।

चन्नी, बाजवा और अन्य नेताओं से होगी चर्चा

सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई वरिष्ठ नेताओं के साथ दिल्ली में बुधवार या गुरुवार को बैठक हो सकती है। वहीं, पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल को भी दिल्ली तलब किया गया है, जहां पार्टी नेतृत्व उनके साथ पंजाब के राजनीतिक हालात पर चर्चा करेगा।

राहुल गांधी और खड़गे ने की हालात की समीक्षा

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के बीच पंजाब कांग्रेस की स्थिति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में यह फैसला लिया गया कि नाराज नेताओं से सीधे बातचीत कर उनकी राय सुनी जाएगी, ताकि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में एकजुटता कायम की जा सके।

प्रताप सिंह बाजवा पहुंचे दिल्ली

पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा बुधवार को दिल्ली पहुंच गए हैं। उनकी केसी वेणुगोपाल के साथ बैठक होने की संभावना है। इसके अलावा पंजाब के अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी पार्टी हाईकमान से मुलाकात कर अपने विचार रखने की उम्मीद है।

भूपेश बघेल की रिपोर्ट के बाद तेज हुई कवायद

हाल ही में पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल छह दिनों तक चंडीगढ़ में रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा और अन्य नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर उनकी राय जानी थी। इसके बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंप दी।

गुटबाजी खत्म नहीं होने से बढ़ी चिंता

भूपेश बघेल के दौरे के बावजूद संगठन के भीतर मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हो सके। चन्नी और उनके समर्थक लगातार प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद से हटाने की मांग उठा रहे हैं। यही वजह है कि अब पार्टी नेतृत्व ने सीधे हस्तक्षेप करते हुए सभी पक्षों से बातचीत शुरू कर दी है।

2027 चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने पर जोर

पार्टी सूत्रों का कहना है कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व संगठन को मजबूत करने और गुटबाजी समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण फैसले ले सकता है। फिलहाल दिल्ली में होने वाली बैठकों और उनके नतीजों पर सभी की नजर बनी हुई है।

 

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