दिल की बीमारी के ये 9 संकेत भूलकर भी न करें नजरअंदाज, समय रहते पहचान बचा सकती है जान

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नई दिल्ली: हृदय रोग दुनिया भर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। कई बार दिल से जुड़ी बीमारियों के शुरुआती लक्षण सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं जैसे गैस, थकान या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते इन संकेतों की पहचान और चिकित्सकीय जांच गंभीर स्थिति से बचाने में मदद कर सकती है।

हाई कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है जोखिम

कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए जरूरी तत्व है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा रक्त वाहिकाओं में जमा होकर धमनियों को संकरा कर सकती है। इससे कोरोनरी आर्टरी डिजीज और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। नियमित रूप से कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना और आहार में साबुत अनाज, फल व हरी सब्जियां शामिल करना फायदेमंद माना जाता है।

सीने में दर्द को हल्के में न लें

यदि सीने में दर्द, दबाव या जकड़न महसूस हो रही है, तो इसे केवल गैस या एसिडिटी समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। यह हृदय संबंधी समस्या या हार्ट अटैक का संकेत भी हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

गले और जबड़े तक फैलने वाला दर्द हो सकता है चेतावनी

यदि सीने का दर्द गले, जबड़े या कंधे तक फैलने लगे, तो यह दिल के दौरे का शुरुआती संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए।

बिना कारण ज्यादा पसीना आना

अगर बिना शारीरिक मेहनत या गर्मी के अत्यधिक पसीना आने लगे, तो यह हृदय की कार्यक्षमता प्रभावित होने का संकेत हो सकता है। विशेष रूप से यदि इसके साथ बेचैनी या सीने में दर्द भी हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

बार-बार चक्कर आना

बार-बार चक्कर आना, आंखों के सामने अंधेरा छाना या बेहोशी जैसा महसूस होना लो ब्लड प्रेशर या हृदय तक पर्याप्त रक्त न पहुंचने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में जांच कराना जरूरी है।

मतली, उल्टी और बेचैनी भी हो सकती है संकेत

कुछ मामलों में हार्ट अटैक के दौरान केवल सीने में दर्द ही नहीं, बल्कि मतली, उल्टी, गैस जैसी समस्या या असामान्य बेचैनी भी महसूस हो सकती है। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

पैरों और टखनों में सूजन

यदि पैरों, टखनों या तलवों में लगातार सूजन बनी रहती है, तो यह हृदय की पंपिंग क्षमता कमजोर होने का संकेत हो सकता है। हालांकि इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

हाई ब्लड प्रेशर को रखें नियंत्रण में

उच्च रक्तचाप हृदय रोग का एक प्रमुख जोखिम कारक है। लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड प्रेशर रहने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। खासकर 50 वर्ष की उम्र के बाद नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहना चाहिए।

हाई ब्लड शुगर भी बढ़ा सकती है खतरा

अनियंत्रित ब्लड शुगर रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है और कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए मधुमेह के मरीजों को नियमित रूप से शुगर लेवल की जांच करानी चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार जारी रखना चाहिए।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि सीने में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ, दर्द का गले, जबड़े या हाथ तक फैलना, अचानक अत्यधिक पसीना आना या बेहोशी जैसी स्थिति महसूस हो, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानते हुए तुरंत अस्पताल या आपातकालीन चिकित्सा सेवा से संपर्क करें।

 

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