‘सर प्लीज गेट खोल दीजिए, करियर का सवाल है’—10वीं की परीक्षा से रोकी गई छात्रा ने चलती ट्रेन से कूदकर दी जान

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पटना। बिहार की राजधानी पटना से सटे मसौढ़ी इलाके में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मैट्रिक परीक्षा में कुछ मिनट की देरी के कारण प्रवेश नहीं मिलने से आहत एक छात्रा ने चलती ट्रेन से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को झकझोर देने वाली है और परीक्षा व्यवस्था की सख्ती पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

मसौढ़ी के महाराजचक गांव की घटना
घटना मसौढ़ी थाना क्षेत्र के महाराजचक गांव की है। मृतका की पहचान मसौढ़ी के खरजमा गांव निवासी मंटू यादव की पुत्री कोमल कुमारी के रूप में हुई है। कोमल मैट्रिक की परीक्षार्थी थी और मंगलवार को बरनी स्थित परीक्षा केंद्र पर उसकी परीक्षा निर्धारित थी।

परीक्षा से एक दिन पहले रिश्तेदार के यहां गई थी छात्रा
बताया जा रहा है कि परीक्षा केंद्र से दूरी अधिक होने के कारण कोमल सोमवार को ही अपने रिश्तेदार के गांव महाराजचक पहुंच गई थी। परीक्षा केंद्र महाराजचक से करीब छह किलोमीटर दूर बरनी में स्थित था।

9 बजे थी रिपोर्टिंग, 9:10 पर पहुंची छात्रा
जानकारी के मुताबिक परीक्षा केंद्र पर रिपोर्टिंग का समय सुबह 9 बजे तक निर्धारित था, जबकि परीक्षा 9:30 बजे शुरू होनी थी। कोमल 9:10 बजे परीक्षा केंद्र पहुंची, लेकिन तब तक गेट बंद कर दिया गया था। छात्रा ने गेट खटखटाते हुए हाथ जोड़कर परीक्षा केंद्र कर्मियों से बार-बार गुहार लगाई।

‘परीक्षा 9:30 बजे है, सिर्फ 10 मिनट लेट हूं’
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कोमल लगातार कहती रही—“सर प्लीज गेट खोल दीजिए, परीक्षा 9:30 बजे शुरू होगी। मैं सिर्फ दस मिनट लेट हूं, अभी 20 मिनट बाकी हैं। मेरा करियर का सवाल है।” लेकिन किसी ने उसकी एक नहीं सुनी। काफी देर तक प्रयास करने के बावजूद जब गेट नहीं खुला तो वह टूट चुकी हालत में वहां से लौट गई।

निराशा में उठाया खौफनाक कदम
परीक्षा केंद्र से लौटने के बाद कोमल नदौल पहुंची और वहां से एक ट्रेन में सवार हो गई। तरेगना और मसौढ़ी कोर्ट स्टेशन के बीच महाराजचक गांव के पास उसने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में पुलिस उसे अस्पताल ले गई, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पहचान के बाद परिवार में मचा कोहराम
शुरुआत में मृतका की पहचान नहीं हो सकी थी। बाद में मसौढ़ी थाना पुलिस ने शव की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की, जिसके बाद ग्रामीणों ने उसकी पहचान की और परिजनों को सूचना दी। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिवार की बड़ी बेटी थी कोमल
बताया जाता है कि कोमल दो बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी। उसके पिता मंटू यादव बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

परीक्षा व्यवस्था की सख्ती पर उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर समय को लेकर बरती जा रही सख्ती पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोग और अभिभावक पूछ रहे हैं कि क्या कुछ मिनट की देरी पर छात्रा का भविष्य और जान दोनों छिन जाना जरूरी था।

 

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